सहारनपुर , मई 13 -- सहारनपुर में देवबंद कोतवाली क्षेत्र के दलित बहुल लालवाला गांव में दो बीघा भूमि के स्वामित्व को लेकर नौ मई को हुई हिंसक घटना के मामले में पुलिस ने हमलावर पक्ष के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिला प्रशासन ने मामले को सुनियोजित साजिश बताते हुए कहा है कि विवाद को जातीय रंग देकर हिंसा फैलाने का प्रयास किया गया। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह ने बुधवार शाम संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि लालवाला गांव की घटना पूर्व नियोजित षड्यंत्र का परिणाम थी। प्रशासनिक जांच में पाया गया कि विवादित दो बीघा भूमि पर रविंद्र सिंह राणा पुत्र स्वर्गीय रमेश राणा का वैध कब्जा था। उन्होंने यह जमीन करीब 15 वर्ष पूर्व रामसिंह से खरीदी थी और उस पर उनका घेर बना हुआ है। एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बताया कि कुछ लोगों ने जमीन विवाद को जातीय संघर्ष का रूप देकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच में सामने आया कि दलित पक्ष के नरेश पुत्र रामसिंह को कुछ लोगों ने उकसाकर कब्जे के विवाद को जातीय मुद्दा बनाने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस के अनुसार इस मामले में गांव लालवाला निवासी शेर सिंह उर्फ शेरू पुत्र कबूला उर्फ कबूल सिंह तथा अक्षय पुत्र ऋषिपाल को गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर हिंसा और पथराव में शामिल होने का आरोप है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस दबिश दे रही है।
एसएसपी ने बताया कि जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग और गवाहों के बयान एकत्र किए गए हैं। इनके आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक पांच मई को गांव में लोगों को इकट्ठा कर भड़काने का प्रयास किया गया था। इसके बाद आठ मई को विवादित भूमि पर महाराणा प्रताप की मूर्ति स्थापित किए जाने की अफवाह फैलाई गई, लेकिन जांच में यह सूचना गलत पाई गई।
उन्होंने बताया कि नौ मई को आरोपियों ने 40-50 महिला और पुरुषों के साथ ट्रैक्टरों में ईंट-पत्थर भरकर रविंद्र राणा के घर पर हमला और पथराव किया। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। घटना में कई लोग घायल हुए थे।
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