सहारनपुर , अगस्त 24 -- उत्तर प्रदेश में सहारनपुर जिले के मुजफ्फराबाद विकासखंड के मीरपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक के 31 बच्चे एक ही कमरे में पढ़ने को मजबूर हैं। पांच कक्षाओं के इन बच्चों को पढ़ाने के लिए विद्यालय में चार शिक्षिकाएं तैनात हैं।

विद्यालय में पहले तीन कमरे थे, लेकिन दो कमरे पिछले वर्ष जर्जर होने के कारण ध्वस्त कर दिए गए। इसके बाद बचे एक कमरे में ही पांचों कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। विद्यालय में मीरपुर के 24, शेरपुर खानाजादपुर के पांच और रसूलपुर के दो बच्चे अध्ययनरत हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए अनुराधा कांबोज, आरती शुक्ला, शिक्षामित्र सुमन और बबीता तैनात हैं। एक ही कमरे में पांच कक्षाओं के संचालन के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। विद्यालय का एकमात्र कक्ष सीलन से भी प्रभावित है। हालांकि विद्यालय में बिजली, इन्वर्टर, दो पंखे, पेयजल और शौचालय की सुविधा उपलब्ध है।

मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कोमल सांगवान से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह खंड शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मंगाकर आवश्यक कदम उठाएंगी। सरकार की ओर से शिक्षा के उन्नयन के लिए चालू वित्त वर्ष में 77,622 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने के बावजूद प्राथमिक विद्यालय की यह स्थिति बुनियादी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया गया है, ऐसे में पांच कक्षाओं का संचालन एक ही कमरे में होना चिंता का विषय है।

सहारनपुर मंडल मुख्यालय होने के साथ आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण जिला है। जिले में निजी शिक्षण संस्थानों में बच्चों की शिक्षा पर बड़ी राशि खर्च की जाती है, जबकि सरकारी प्राथमिक विद्यालय में संसाधनों की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के सामने विद्यालय में पर्याप्त कक्ष उपलब्ध कराने तथा बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने की चुनौती है।

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