पटना , मई 25 -- राज्य सरकार ने सहयोग शिविरों में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए उसके प्रभावी संचालन और आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस )डॉ. बी. राजेन्दर ने सोमवार को संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है राज्य में 19 मई को सहयोग शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें मिले फीडबैक के आलोक में सहयोग शिविर को और सुदृढ़ बनाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले आवेदनों का सही तरीके से निस्तारण कराना जिलाधिकारी सुनिश्चित करेंगे।

डॉ. बी. राजेन्दर ने कहा कि जिन मामलों में अपेक्षित कार्रवाई के बिना उसे निस्तारण की कार्रवाई की जा रही है, वैसे मामलों की समीक्षा कर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा प्रत्येक शिविर के बाद संबंधित विभाग के पास की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार कराने के लिए फ्लैक्स इत्यादि लगाया जाए, जिससे शिविर में आने वाले लोगों को सरकार की योजनाओं की जानकारी मिल सकें। उन्होंने कहा कि जहां पंचायत भवन या अच्छे सरकारी भवन उपलब्ध नहीं है वहां गर्मी को देखते हुए अस्थाई दमदार संरचना की व्यवस्था की जाए, जिससे आमजन को कोई कष्ट नहीं हो सके। वहां पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।

एसीएस ने पत्र में कहा है कि आवेदन प्राप्ति के 30 दिनों में मामले का निष्पादन नहीं होने पर प्रखंड स्तर पर जिम्मेदार पदाधिकारी के विरुद्ध निलंबन एवं अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के कार्य निष्पादन में सहयोग के लिए जिम्मेदार प्रखंड स्तर से नीचे की इकाई के कर्मी के विरुद्ध भी निलंबन एवं अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

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