पटना, मई 16 -- ्रामीण क्षेत्रों में लोगों की समस्या समाधान करने की मंशा से लगने वाले सहयोग शिविर को लेकर सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसके तहत समस्या संबंधी आवेदन देने की प्रक्रिया शिविर से 30 दिन पहले शुरू हो जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र की जनता ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से अपनी समस्या का आवेदन प्रशासन को उपलब्ध करा सकेगी।
सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, करीब एक महीने पहले आवेदन मंगाने का उद्देश्य यह है कि अधिकांश मामलों का निस्तारण फरियादी के शिविर में पहुंचने से पहले कर दिया जाएगा। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि आवेदक के शिविर में पहुंचने पर उसे उसकी समस्या समाधान संबंधी और अगर किसी कारणवश समस्या का समाधान नहीं हो पाया है तो इसकी पूरी सूचना उसे लिखित में देंगे।
महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को लगने वाले इस सहयोग शिविर में 30 पहले से आवेदन करने की दिशा में लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी जिला पदाधिकारी को दी गई है।
ग्रामीण ऑनलाइन माध्यम से आवेदन सरकार की ओर से जारी सहयोग पोर्टल पर कर सकते हैं।ऑफलाइन शिकायत दर्ज कराने के लिए जिला पदाधिकारी के स्तर पर निर्धारित कार्यालय में आवेदन देना होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों का विकास और यहां के लोगों की त्वरित समस्या समाधान की दिशा में सरकार ने अहम फैसला लिया है। इस फैसले के अनुसार ग्राम पंचायतों में महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को सहयोग शिविर लगाया जाएगा। इसकी शुरुआत 19 मई से हो रही है।
पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर की संख्या निर्धारित करने का पूरा अधिकार जिला पदाधिकारी को दी गई है। शिविर में अलग-अलग विभागों मुख्य रूप से पुलिस, राजस्व, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (पीएचईडी), जल संसाधन आदि विभागों के नोडल पदाधिकारी मौजूद रहेंगे और आवेदनों का त्वरित निदान करेंगे। साथ ही समस्या समाधान में आ रही अड़चनों की लिखित सूचना देते हुए आवेदक को अगली तिथि देंगे।
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