जयपुर , अगस्त 07 -- राजस्थान सरकार किसानों एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है और उसने खुदरा उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र प्राप्त करने के लिए 15 दिवसीय उर्वरक प्रमाण पत्र प्रशिक्षण प्रक्रिया को और सरल एवं सुलभ बनाने के उद्देश्य से अधिकतम आयु सीमा की शर्त को विलोपित कर दिया है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इससे अधिक से अधिक योग्य व्यक्ति इस प्रशिक्षण में भाग ले सकेंगे। ग्राम सेवा सहकारी समितियों (जीएसएस) तथा क्रय-विक्रय सहकारी समितियों (केवीएसएस) के व्यवस्थापकों के लिए विशेष रूप से 15 दिवसीय प्रमाण पत्र प्रशिक्षण आयोजित कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। कृषि आयुक्तालय के आदेशानुसार संबंधित जिले के केवीके, कृषि विश्वविद्यालय एवं मान्यता प्राप्त संस्थानों पर 32 व्याख्यान ऑनलाइन तथा 10 प्रैक्टिकल ऑफलाइन के माध्यम से यह प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

इससे संबंधित समितियों के उन व्यवस्थापकों को जो अभी तक इस कोर्स से वंचित रहे हैं, शीघ्र प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे खुदरा उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र प्राप्त कर सकें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में उर्वरक की उपलब्धता सुगम होगी, सहकारी समितियों का व्यवसाय सुदृढ़ होगा तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक समय पर मिल सकेगा। संस्थाओं द्वारा ऑनलाइन ट्रेनिंग एवं आयु सीमा हटाने की लंबे समय से मांग की जा रही थी।

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