देहरादून , अप्रैल 03 -- उत्तराखंड राज्य सरकारी बैंक एवं जिला सहकारी बैंकों की 290 शाखाओं ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर अपनी वित्तीय मजबूत कर 269.72 करोड़ का लाभ अर्जित किया है। एनपीए नियंत्रण में भी बैकों ने सख्त वित्तीय अनुशासन दिखाते हुये 39.88 करोड़ का एनपीए कम किया है, जो विगत वित्तीय वर्ष की तुलना में 6 फीसदी से अधिक कम हुआ है।
यह जानकारी शुक्रवार को राज्य के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने यहां जारी एक बयान में दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों के चलते प्रदेश में सहकारी बैंकों का वित्तीय प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में दस जनपदों के जिला सहकारी बैंकों व राज्य सहकारी बैंकों की 290 शाखाएं लाभ की स्थिति में पहुंच गई है, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष यह संख्या 280 थी। डाॅ. रावत ने बताया कि इस अवधि में सहकारी बैंकों ने 269.72 करोड़ का लाभ अर्जित कर 150.82 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 28.96 करोड़ अधिक है। उन्होंने बताया कि सहकारी बैंकों की बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता, ऋण वितरण में सुधार तथा डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया। एनपीए की समयबद्ध वसूली के परिणामस्वरूप बैंकों की वित्तीय स्थिति लगातार सुदृढ़ हो रही है साथ ही एनपीए में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि विगत वर्ष बैंकों का सकल एनपीए जहां 690.11 करोड़ था, वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह कम होकर 650.23 करोड़ रहा गया है। इस प्रकार, विगत वर्ष के मुकाबले 6.22 फीसदी सकल एनपीए में कमी दर्ज की गई है। जिसके चलते बैंकों का शुद्ध एनपीए जो विगत वर्ष 183.87 करोड़ था, वह घटकर अब 173.65 करोड़ रह गया है।
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