बैतूल , अक्टूबर 23 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के मोहदा थाना क्षेत्र के चिल्लोर गांव निवासी 25 वर्षीय मनीष परते की जहरीला पदार्थ खाने के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पत्नी और सास द्वारा ससुराल का दरवाजा बंद कर दिए जाने से आहत होकर मनीष ने यह कदम उठाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है।

परिजनों के अनुसार, मनीष ने करीब चार वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था। कुछ समय पहले आदिवासी दिवस के दौरान बाइक रेसिंग के समय हुई दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। भोपाल में उपचार के बाद इसी सप्ताह घर लौटे थे। चोटों के कारण वह वॉकर के सहारे चल रहे थे। बताया गया है कि उनकी पत्नी मां की तबीयत खराब होने की बात कहकर मायके चली गई थी।

गुरुवार को मनीष अपनी पत्नी से मिलने शाहपुर थाना क्षेत्र के निशाना गांव स्थित ससुराल पहुंचे थे। उनके पिता गजानंद परते, जो पाटाखेड़ा में शिक्षक हैं, ने आरोप लगाया कि मनीष को सामने देखकर पत्नी और सास ने घर का दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद मनीष शाहपुर में अपने मामा के घर चले गए। वहां भोजन करने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों को पता चला कि उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया है।

मनीष को पहले शाहपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में बैतूल जिला अस्पताल रेफर किया गया। शुक्रवार तड़के उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया।

मनीष दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़े थे तथा डीजल टैंकर चलाकर आजीविका चलाते थे। उनके पिता ने पत्नी और सास पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। पुलिस घटना के वास्तविक कारणों और लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।

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