सुकमा , अगस्त 19 -- छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए 'सशक्त आंगनवाड़ी अभियान' के तहत अध्ययन दल बुधवार को विशाखापट्टनम के लिए रवाना हुआ। दल वहां मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों और उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों में बाल देखभाल, शिक्षा, पोषण और अन्य व्यवस्थाओं का अध्ययन करेगा। कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुंद ठाकुर ने दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कलेक्टर ने कहा कि भ्रमण का उद्देश्य उत्कृष्ट आंगनवाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में अपनाई जा रही बाल-अनुकूल शिक्षण पद्धतियों, नवाचारों तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अध्ययन करना है। उन्होंने प्रतिभागियों से भ्रमण के दौरान सीखी गई बेहतर कार्यप्रणालियों को सुकमा में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप लागू करने को कहा।
उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को बेहतर पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुकूल सीखने का वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि एक्सपोजर विजिट से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों के ज्ञान, कौशल एवं कार्यक्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी। दल मॉडल केंद्रों में पोषण सेवाओं, बाल-अनुकूल गतिविधियों, नवाचारों और सामुदायिक सहभागिता से जुड़े सफल प्रयोगों का अध्ययन करेगा।
जिला प्रशासन के अनुसार, 'सीखें, देखें और सुकमा में लागू करें' की अवधारणा के तहत आयोजित इस भ्रमण से प्राप्त बेहतर कार्यप्रणालियों को जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में अपनाने का प्रयास किया जाएगा।
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