भरतपुर , अप्रैल 19 -- राजस्थान में भरतपुर संभाग में सवाईमाधोपुर के चौथ का बरवाड़ा और आसपास के 18 गांवों में अक्षय तृतीया के दिन रविवार को 16वीं शताब्दी से चली आ रही शोक परंपरा के तहत चूल्हे तक नही जले और मातम छाया रहा। इस परंपरा को निभाते हुए रविवार को चौथ माता मंदिर में घंटियां बांध दी गई। सुबह, दोपहर और रात की आरती बिना लाउडस्पीकर के गाई गई। मंदिर परिसर में किसी प्रकार की ध्वनि नहीं रखी गई। पूरे क्षेत्र में सन्नाटे के साथ लोगों ने अपने घरों में भी सामान्य गतिविधियां सीमित रखीं।

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