पटना , जून 19 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने बिहार सरकार की ओर से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सर्किल रेट और स्टाम्प शुल्क में की गई बढ़ोतरी की आलोचना करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है।भाकपा के राज्य सचिव रामनरेश पांडेय ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सर्किल रेट तथा स्टाम्प शुल्क बढ़ाने का निर्णय जनविरोधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपना खाली खजाना भरने के लिए इस प्रकार के फैसले ले रही है, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

श्री पाण्डेय ने कहा कि सर्किल रेट और स्टाम्प शुल्क में वृद्धि से जमीन की खरीद-बिक्री प्रभावित होगी तथा आम आदमी के लिए जमीन खरीदना और कठिन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने शहरी क्षेत्रों में जमीन की कीमत में लगभग दोगुनी वृद्धि तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 1.60 गुना तक बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही स्टाम्प शुल्क को छह प्रतिशत से बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया गया है।

भाकपा नेता ने दावा किया कि राज्य सरकार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही है और अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से जमीन की खरीद-बिक्री पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में पूंजी का प्रवाह प्रभावित होगा, जिससे कृषि और रोजगार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।उन्होंने राज्य सरकार से बढ़ाए गए सर्किल रेट और स्टाम्प शुल्क को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यह फैसला आम जनता और किसानों के हित में नहीं है।

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