अलवर , मार्च 11 -- राजस्थान में अलवर जिले के सरिस्का के बफर जोन स्थित बाला किला क्षेत्र में स्थित करणी माता मंदिर मेला को लेकर जहां एक और बाघ और बाघिन की आवाजाही के कारण यहां सतर्कता बरती जा रही है, वहीं बरसात में भारी बारिश के चलते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई सड़क को लेकर श्रद्धालु भारी दुविधा में हैं।
आठ महीने बीत जाने के बाद भी अब तक सड़क को ठीक नहीं कराया गया है जबकि इस सड़क के लिए पांच करोड रुपए स्थानीय विधायक और मंत्री ने स्वीकृत कर दिए। जब यह सड़क क्षतिग्रस्त हुई थी तो यह स्थाई रूप से संचालन के वक्त सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने कहा था कि बजट मिलते ही इस कार्य सड़क को पूरा कर दिया जाएगा, लेकिन इसी महीने से करणी माता मंदिर का मेला शुरू हो रहा है, लेकिन अब तक सड़क को सही नहीं कराया गया है । नतीजतन श्रद्धालुओं को दुपहिया वाहन या पैदल जाना पड़ेगा।
करणी माता मंदिर समिति की प्रशासन के संग हुई बैठक में भी मंदिर समिति के पदाधिकारी ने यह मामला उठाया, लेकिन समस्या का कोई हल नहीं निकला। समिति सदस्यों ने बताया कि आश्वासन दिया गया है की मेला समापन के उपरांत इस सड़क को सही कराया जाएगा। मेले की तैयारी चल रही हैं। मंदिर में सुबह छह बजे से शाम को सात बजे तक श्रद्धालुओं का आवागमन रहेगा और दोपहिया वाहनों से श्रद्धालु पहुंच सकेंगे। इसके अलावा करणी माता देवी के लिए मथुरा और वृंदावन से विशेष पोशाक मंगाई गई है।
अरावली की वादियों में स्थित करणी माता का मंदिर रियासत काल में बनाया गया था। नौ दिन नवरात्रों के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु आते हैं। उनकी सुरक्षा के मध्य नजर यहां पूरी तरह सतर्कता बरती जा रही है। हालांकि मानसून के दौरान यहां बाला किला जाने वाला रास्ता पानी में बह गया था। जिसमें सिर्फ दोपहिया वाहन जाने की इजाजत दी गई है। क्योंकि रास्ता के जगह से क्षतिग्रस्त होने के कारण बैरिकेट्स लगाए गए हैं। वहां पर किसी को भी खड़ा होने की इजाजत नहीं दी गई है।
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