अलवर , मई 28 -- राजस्थान में अलवर के सरिस्का बाघ अभयारण्य से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरण संरक्षण के लिए खुशखबरी सामने आयी है। वन विभाग के सू्त्रों ने गुरुवार को बताया कि सरिस्का की बाघिन एसटी-22 ने तीन शावकों को जन्म दिया है। हाल ही में कैमरे में तीनों शावक अपनी मां के साथ दिखाई दिये, जिसके बाद वन विभाग और सरिस्का प्रशासन ने इसकी पुष्टि कर दी है।
तीन दिन पहले सरिस्का प्रशासन ने बाघिन एसटी-22 के साथ केवल दो शावकों की मौजूदगी की पुष्टि की थी, लेकिन लगातार निगरानी और कैमरा फुटेज की जांच के बाद अब यह साफ हो गया कि बाघिन के साथ तीन शावक हैं। इस खबर के सामने आने के बाद वन विभाग में खुशी का माहौल है।
राजस्थान के वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने भी तीन शावकों की पुष्टि करते हुए कहा कि सरिस्का में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो वन संरक्षण और बेहतर प्रबंधन का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने बताया कि शावकों और बाघिन की सुरक्षा को देखते हुए संबंधित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गयी है और वनकर्मियों का विशेष दल लगातार नजर बनाये हुए हैं।
सूत्रों ने बताया कि बाघिन एसटी-22 अपने तीनों शावकों के साथ तालवृक्ष रेंज क्षेत्र में दिखाई दी है। कैमरे में कैद हुई वीडियो में तीनों शावक स्वस्थ नजर आ रहे हैं और बाघिन पूरी सतर्कता के साथ उनकी देखभाल करती दिखाई दे रही है। वन विभाग अब इस पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के साथ-साथ पर्यटकों की गतिविधियों पर भी नजर रख रहा है, ताकि शावकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सरिस्का में लगातार बढ़ती बाघों की संख्या वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। नये तीन शावकों के साथ अब सरिस्का में बाघों की संख्या बढ़कर 55 तक पहुंच गयी है। एक समय ऐसा था जब वर्ष 2004 सरिस्का से बाघ पूरी तरह खत्म हो चुके थे, लेकिन वर्षों की मेहनत, बेहतर प्रबंधन और बाघ पुनर्वास परियोजना के कारण आज सरिस्का फिर से बाघों की दहाड़ से गुलजार हो रहा है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि शावकों का जन्म इस बात का संकेत है कि सरिस्का का जंगल अब बाघों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण प्रदान कर रहा है। पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने भी इस खबर पर खुशी जताई है।
सरिस्का में बढ़ती बाघों की संख्या अब पर्यटन को भी नयी रफ्तार दे रही है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक बाघों के दीदार के लिए सरिस्का पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन व्यवसाय को भी लाभ मिल रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित