अलवर , जुलाई 03 -- राजस्थान में अलवर जिले के सरिस्का बाघ अभयारण्य में आगामी सितंबर के अंतिम सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव विशेषज्ञों का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।

इंटरनेशनल बिग कैट एलाइंस (आईबीसीए) की ओर से यहां दो महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें 32 देशों के वन्यजीव विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और संरक्षण से जुड़े अधिकारी शामिल होंगे।

शुक्रवार को आधिकारिक जानकारी के अनुसार इन सम्मेलनों का सबसे अहम विषय हाल ही में कान्हा बाघ अभयारण्य में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) से हुई बाघों की मौत के बाद उत्पन्न हालात और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जायेगा। इसके साथ ही बाघ संरक्षण, वन्यजीवों में फैलने वाली बीमारियों, क्षमता निर्माण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संसाधन जुटाने पर व्यापक मंथन होगा।

इंटरनेशनल बिग कैट एलाइंस के महानिदेशक डॉ. एस.पी. यादव ने बताया कि कान्हा बाघ अभयारण्य में वायरस संक्रमण से बाघों की मौत चिंता का विषय है। इसी को देखते हुए सरिस्का में वन्यजीव बीमारियों पर विशेष अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह के खतरों से निपटने की रणनीति तैयार की जा सके।

सरिस्का में इस स्तर का आयोजन होना राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल सरिस्का को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भारत की भूमिका भी और मजबूत होगी। यह सम्मेलन बाघों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण की नई रणनीतियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।

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