पटना , जनवरी 21 -- सरस्वती पूजा के अवसर पर विधि-व्यवस्था को लेकर पटना मुख्यालय एवं आस-पास 44 प्रमुख स्थानों पर 66 से अधिक दंडाधिकरियों तथा पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है।
पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने बुधवार को कहा कि सरस्वती पूजा 2026 के अवसर पर उत्कृष्ट भीड़ प्रबंधन, सुदृढ़ विधि-व्यवस्था संधारण तथा सुचारू यातायात प्रबंधन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी इसके लिए पूर्णतः सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहेंगे एवं निर्देशों का अनुपालन करेंगे। जिला स्तर से दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी पदाधिकारीगण सजग एवं तत्पर रहते हुए विधि-व्यवस्था संधारण सुनिश्चित करेंगे।
अधिकारीद्वय ने कहा कि मुख्य स्थलों पर क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) भी तैनात किया गया है। उन्होंने बताय कि दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ पर्याप्त संख्या में सशस्त्र बल, महिला बल तथा लाठी बल को भी प्रतिनियुक्त किया गया है। फायर ब्रिगेड एवं अन्य आवश्यक तैनाती भी की गई है। जिला नियंत्रण कक्ष में भी तीन पालियों में 24 दंडाधिकारियों को रिजर्व रखा गया है। सभी अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यकतानुसार अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत अतिरिक्त संख्या में मजिस्ट्रेट एवं फोर्स को प्रतिनियुक्त करने का निदेश दिया गया है।
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने पदाधिकारियों को निदेशित करते हुए कहा कि सरस्वती पूजा के अवसर पर आयोजन के पूर्व की तैयारी, पूजा के दौरान तथा विसर्जन के दौरान सभी तीन फेज के लिए सुदृढ़ प्रशासनिक तैयारी सुनिश्चित रखें। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी टीम भावना से काम करें। आपस में सार्थक समन्वय तथा सुदृढ़ संवाद स्थापित रखें। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियों का पर्यवेक्षण करें। आसूचना तंत्र को सुदृढ़ एवं सक्रिय रखें। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सतत क्रियाशील रखें। अफवाहों का त्वरित खंडन करें।
अधिकारीद्वय ने कहा कि अधिकारियों को ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी करने का निदेश दिया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) एवं क्विक मेडिकल रिस्पांस टीम (क्यूएमआरटी) तैनात किया गया है। मद्य-निषेध अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निदेश दिया गया है। उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतें। विभिन्न इलाकों में पैदल फ्लैग मार्च करें। पर्व के समय किसी भी प्रकार की विधि-व्यवस्था की समस्या नहीं होनी चाहिए। अन्यथा दोषियों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित