श्रीनगर , सितंबर 19 -- सन 1990 में कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट के अपहरण और हत्या से जुड़े मामले में तिहाड़ जेल में बंद प्रतिबंधित संगठन जेकेएलएफ के प्रमुख मोहम्मद यासीन मलिक के अधिवक्ता आदिल पंडित ने शनिवार को श्रीनगर स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (टाडा/पोटा) की अदालत से अपनी वकालतनामा वापस लेने की अनुमति मांगी है।
अदालत के समक्ष दायर आवेदन में वकील आदिल पंडित ने कहा कि यासीन मलिक ने लिखित बयानों के माध्यम से मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है और मुकदमा आगे न लड़ने के फैसले से अवगत कराया है।
आवेदन के अनुसार, श्री मलिक ने "गहन विचार-विमर्श" के बाद मुकदमा न लड़ने का निर्णय लिया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनके इस कदम को अभियोजन पक्ष के दावों, अपराध की स्वीकृति या आरोपों को स्वीकार करने के रूप में न देखा जाए। इससे पूर्व अदालत में प्रस्तुत 25 पन्नों के हलफनामे में मलिक ने सरला भट की हत्या में किसी भी भूमिका से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन साथ ही मुकदमे से हटते हुए खुद के लिए मृत्युदंड की मांग की थी।
वकील आदिल पंडित ने अदालत को बताया कि मलिक से प्राप्त निर्देशों के बाद अब उनके पास श्रीनगर टाडा/पोटा अदालत में उनका प्रतिनिधित्व जारी रखने का कोई आदेश नहीं है, इसलिए वे इस मामले से हटना चाहते हैं।
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