मुरैना , अक्टूबर 23 -- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में शासकीय धनराशि के दुरुपयोग के मामलों में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर लोकेश कुमार रामचंद्र जांगिड़ के निर्देश पर जनपद पंचायत पहाड़गढ़ और पोरसा की तीन ग्राम पंचायतों कोंथरकलां, डोंडरी और सिंगरोली के सरपंचों और सचिवों के विरुद्ध निलंबन, गिरफ्तारी वारंट और नोटिस जारी किए गए हैं।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कमलेश कुमार भार्गव ने जानकारी दी कि ग्राम पंचायत सिंगरोली में तत्कालीन पंचायत सचिव मोहर सिंह गुर्जर द्वारा नाबालिग एवं वृद्धजनों को मजदूर दर्शाकर लाखों रुपये का भ्रष्टाचार किया गया। जांच में पाया गया कि मनरेगा के तहत 17 लाख रुपये की राशि फर्जी मस्टर रोल के माध्यम से निकाली गई। इस पर मोहर सिंह गुर्जर को निलंबित किया गया है। वहीं, ग्राम रोजगार सहायक रीना जाटव को नियम विरुद्ध मस्टर जारी करने के आरोप में शासकीय कार्य से विरत किया गया है।

इसी प्रकार, ग्राम पंचायत कोंथरकलां में सरपंच हरदेव वाल्मीकि और ग्राम रोजगार सहायक बलवीर सिंह सिकरवार द्वारा बिना निर्माण कार्य कराए मनरेगा योजना से Rs.7,37,042 की राशि आहरित की गई। जांच में आरोप सत्य पाए जाने पर सरपंच हरदेव वाल्मीकि के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया, जबकि बलवीर सिंह सिकरवार को शासकीय कार्य से विरत किया गया है।

ग्राम पंचायत डोंडरी में मृतकों और नाबालिगों के नाम पर मनरेगा भुगतान तथा जेसीबी से निर्माण कार्य कराने की शिकायत जांच में सत्य पाई गई। इस पर पंचायत सचिव श्यामसुंदर शर्मा को निलंबित किया गया है, जबकि सरपंच सुरेश सिंह तोमर को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 एवं 92 के तहत नोटिस जारी किया गया है।

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