सरगुजा , जनवरी 22 -- सरगुजा जिले के मेण्ड्राखुर्द गांव की 76 वर्षीय सुगामति राजवाड़े ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक के समक्ष एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। इसमें उन्होंने गांव के ही चार व्यक्तियों पर उन्हें मृत बताकर षड्यंत्रपूर्वक जमीन हथियाने और राजस्व रिकॉर्ड में फर्जी तरीके से नाम दर्ज कराने का आरोप लगाया है।
शिकायत के अनुसार, आरोपी कंवलसाय, रामनारायण, सोमारू और बृजमोहन ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के न्यायालय में एक मामला प्रस्तुत किया। इसमें उन्होंने सुगामति को मृत घोषित करते हुए उनके जेठ तेजूराम की पत्नी मनमतिया को सुगामति के पति करीमन की पहली पत्नी बताया। साथ ही, सुगामति को दूसरी पत्नी और तेजूराम को अविवाहित बताकर एक फर्जी वंश वृक्ष पेश किया गया। इसके आधार पर आरोपियों ने अपने नाम संपत्ति के सहखातेदार के रूप में जुड़वा लिए।
मामला और जटिल इसलिए है क्योंकि सुगामति के बड़े पुत्र रणविजय को उनके निःसंतान जेठ-जेठानी ने गोद लिया था। उनकी मृत्यु के बाद संपत्ति का रिकॉर्ड रणविजय के नाम दुरुस्त किया गया था। शिकायत में आरोप है कि इसी संपत्ति पर कब्जे के लिए यह फर्जीवाड़ा किया गया।
सुगामति ने बताया कि आरोपियों ने सिविल न्यायालय में भी उन्हें मृत बताकर मुकदमा दायर किया है, जिसकी अगली पेशी 29 जनवरी 2026 को है। वहीं, तहसील में चल रहे बंटवारे के मामले की सुनवाई नौ फरवरी 2026 को होनी है।
आवेदिका ने पुलिस अधीक्षक से उच्चस्तरीय जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और षड्यंत्र का मामला दर्ज करने की मांग की है। साथ ही, अपने जीवित होने के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और सरपंच द्वारा जारी प्रमाण पत्र भी संलग्न किए हैं।
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