धार , सितंबर 15 -- मध्यप्रदेश के धार जिले के सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल ने 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होने के लिए छात्र-छात्राओं और युवाओं से संवाद कर आह्वान किया है।

श्री ग्रेवाल ने कहा कि 19 सितंबर केवल एक कार्यक्रम की तारीख नहीं है, बल्कि प्रदेश के छात्रों के अपने भविष्य से जुड़े सवाल सरकार के सामने रखने का दिन है। यह अपनी आवाज उठाने, व्यवस्था से सवाल पूछने और अधिकारों के लिए एकजुट होने का अवसर है। उन्होंने कहा कि शिक्षा वह अधिकार है, जो समाज को अज्ञानता के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाती है। शिक्षा मजबूत होगी तो प्रदेश का भविष्य मजबूत होगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का विद्यार्थी पढ़ाई और भविष्य की चिंता के साथ भर्ती प्रक्रिया की अनिश्चितता, प्रतियोगी परीक्षाओं की समस्याओं, बेरोजगारी और सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं को लेकर परेशान है।

श्री ग्रेवाल ने कहा कि प्रदेश का युवा वर्षों तक मेहनत करता है, फीस भरता है, कोचिंग करता है और सरकारी नौकरी की उम्मीद में परीक्षाओं की तैयारी करता है। लेकिन भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी, पेपर लीक, परीक्षा विवाद, परिणाम में देरी या भर्ती प्रक्रिया लंबित होने जैसी समस्याएं सामने आने पर सबसे ज्यादा नुकसान उस युवा का होता है, जिसने अपना समय और पैसा लगाया है।

उन्होंने कहा कि सरकार का काम युवाओं को रोजगार के अवसर देना है, उन्हें भर्ती प्रक्रिया के चक्कर में उलझाए रखना नहीं। एक ओर प्रदेश के सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, वहीं दूसरी ओर नियमित भर्ती के बजाय आउटसोर्सिंग और संविदा व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे युवाओं के सामने सवाल खड़ा हो रहा है कि सरकारी नौकरियों के दरवाजे उनके लिए कब खुलेंगे।

विधायक ने कहा कि भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता, समयबद्ध परीक्षा, निष्पक्ष चयन और रिक्त पदों पर नियमित भर्ती युवाओं का अधिकार है। सरकार को इन सवालों से भागने के बजाय विद्यार्थियों और युवाओं को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और भर्ती घोटालों के आरोपों ने युवाओं के मन में व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा किया है। सरकार को रिक्त पदों पर नियमित भर्ती, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और समयबद्ध नियुक्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।

श्री ग्रेवाल ने कहा कि 'छात्रों की गूंज' युवाओं के भविष्य की आवाज है। 19 सितंबर को छात्र अपने सवालों के साथ इंदौर पहुंचेंगे और बताएंगे कि उन्हें केवल भाषण और घोषणाएं नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था का भरोसा चाहिए। उन्होंने सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी कॉलेजों, स्कूलों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं एवं युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में इंदौर पहुंचने की अपील की।

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