नयी दिल्ली , जून 29 -- केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर इस महीने के मध्य में लगाये गये अस्थायी प्रतिबंध हटाने का फैसला किया है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के पेट्रोल पंपों से पहली जुलाई से पहले की तरह पेट्रोल-डीजल की खरीद की जा सकेगी।

ईरान और अमेरिका के बीच प्राथमिक शांति समझौते के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को देखते हुए यह फैसला किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल अब 72-73 डॉलर प्रति बैरल के करीब है, जो लगभग पश्चिम एशिया संकट की शुरुआत से पहले का स्तर है।

बीच में कच्चे तेल की कीमत में उछाल और औद्योगिक तथा संस्थागत उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम में भारी बढ़ोतरी देखी गयी थी। इस कारण ये उपभोक्ता आम पेट्रोल पंपों से थोक में खरीद करने लगे।

सरकार ने इस अनुचित लाभ को रोकने और आम लोगों के लिए सस्ती आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 12 जून को पेट्रोल-डीजल की बिक्री के लिए प्रतिबंध आदेश जारी किया था। इसके तहत प्रति ग्राहक/ वाहन 200 लीटर डीजल की सीमा तय कर दी गयी थी। साथ ही, इस डीजल की पुनः बिक्री करने पर भी रोक लगा दी गयी थी।

मंत्रालय की आज जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस अस्थायी उपाय से देश में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और खुदरा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने में मदद मिली। सरकार ने कहा कि इन अस्थायी उपायों को वापस लेना यह दिखाता है कि आपूर्ति अब सामान्य हो गयी है।

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