बेंगलुरु , मार्च 27 -- कर्नाटक प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें 122 डॉलर तक पहुंचने के बावजूद भारतीय परिवारों को बचाने के लिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का बोझ खुद उठाया है।

श्री विजयेंद्र ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच कच्चे तेल की कीमतें एक महीने के भीतर 70 डॉलर से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल हो गईं, जिससे उत्तरी अमेरिका और यूरोप के कई देशों को ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि करके इसका बोझ ग्राहकों पर डालना पड़ा। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने वित्त पर सीधा असर डालकर नागरिकों की सुरक्षा का विकल्प चुना।

उन्होंने बताया कि पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर शुल्क 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं पर दबाव कम हुआ है।

श्री विजयेंद्र ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां वर्तमान में पेट्रोल पर 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर का घाटा झेल रही हैं और केंद्र सरकार कर राजस्व में कटौती करके इस घाटे के एक हिस्से की भरपाई कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने और मूल्य वृद्धि के दौरान रिफाइनरियों को विदेशी बाजारों को प्राथमिकता देने से रोकने के लिए निर्यात कर भी लगाया गया है।

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