नयी दिल्ली , जून 02 -- दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने मंगलवार को कहा कि सरकार जल के समान वितरण, जल हानि में कमी, पुरानी पाइपलाइनों के आधुनिकीकरण और शोधित जल के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रही है।

श्री साहिब सिंह ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली सरकार ने राजधानी की जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत और भविष्य के लिए टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से व्यापक सुधार अभियान की शुरुआत की है।उन्होंने बताया कि सरकार जल के समान वितरण, जल हानि में कमी, पुरानी पाइपलाइनों के आधुनिकीकरण और शोधित जल के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रही है। इसे दिल्ली की जल प्रबंधन व्यवस्था में पिछले कई दशकों का सबसे बड़ा सुधार अभियान माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में हर वर्ष पानी की मांग बढ़ रही है, जबकि उपलब्ध जल संसाधन सीमित हैं। उन्होंने बताया कि गर्मियों के दौरान राजधानी को लगभग 1,250 एमजीडी (मिलियन गैलन प्रतिदिन) पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन यमुना नदी में लंबे समय से बने शुष्क हालात के कारण हाल के दिनों में जल उत्पादन में करीब 100 एमजीडी की कमी आई है, जिससे कुछ इलाकों में जल आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार तत्काल और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर समाधान लागू कर रही है ताकि दिल्ली के हर नागरिक को पानी की न्यायसंगत उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि बढ़ती आबादी और सीमित जल संसाधनों के बीच उपलब्ध पानी की हर बूंद का बेहतर प्रबंधन ही स्थायी समाधान है।

जल मंत्री के अनुसार दिल्ली की लगभग 12 से 13 विधानसभा क्षेत्रों से हर वर्ष गर्मियों में सबसे अधिक जल संकट की शिकायतें आती हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक जल उपलब्ध होता है। इस असंतुलन को दूर करने के लिए सरकार 'वॉटर रेशनलाइजेशन प्रोजेक्ट' शुरू कर रही है, जिसके तहत जनसंख्या घनत्व, जल मांग, उपलब्ध आपूर्ति और मौजूदा अवसंरचना का वैज्ञानिक अध्ययन कर संतुलित जल वितरण प्रणाली विकसित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि दिल्ली के 16,634 किलोमीटर लंबे जल वितरण नेटवर्क में से लगभग 5,500 किलोमीटर पाइपलाइनें 30 वर्ष से अधिक पुरानी हैं। इन पाइपलाइनों में रिसाव और प्रदूषण का खतरा अधिक रहता है, जिससे बड़ी मात्रा में शोधित पानी उपभोक्ताओं तक पहुंचने से पहले ही नष्ट हो जाता है। सरकार ने पुरानी पाइपलाइनों को बदलने और पूरे नेटवर्क को मजबूत बनाने का अभियान शुरू कर दिया है।

श्री साहिब सिंह ने कहा कि जल सुरक्षा केवल अस्थायी उपायों से हासिल नहीं की जा सकती। इसके लिए संरचनात्मक सुधार, अवसंरचना में निवेश, वैज्ञानिक योजना और जिम्मेदार जल उपयोग आवश्यक है। पाइपलाइन प्रतिस्थापन, जल रेशनलाइजेशन, जल हानि में कमी, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और जल पुनर्चक्रण जैसे सभी पहलुओं पर सरकार एक साथ काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राजधानी के हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाना, पानी की हर बूंद का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना और दिल्ली के किसी भी क्षेत्र को उपेक्षित महसूस न होने देना है।

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