जयपुर , सितंबर 15 -- राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पंचायत चुनाव की लॉटरी स्थगित होने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार की चुनावी तैयारियां ही सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही हैं।
श्री जूली ने मंगलवार को अपने बयान में कहा कि राज्य सरकार निकाय चुनाव के गणित से बाहर नहीं निकल पा रही है, इसलिए गांव की सरकार के बीच में रोड़े अटकाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला परिषद सदस्य, प्रधान, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच और पंचों के आरक्षण की 17 और 18 सितंबर को प्रस्तावित लॉटरी को सरकार ने स्थगित कर दिया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से मंगलवार को आदेश जारी कर लॉटरी स्थगित करने की जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से इसके पीछे अलग-अलग जिला कलेक्टरों की मांग को वजह बताया गया है जो कि हास्यापद है। श्री जूली ने कटाक्ष करते हुए कहा कि नगर निकाय चुनाव में सरकार इतनी उलझ गई है कि अब गांवों में होने वाले पंचायत चुनाव की लॉटरी भी अटक गई है। सरकार को तय करना चाहिए कि चुनाव कराने हैं या तारीखों का खेल खेलना है।
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव प्रदेश के ग्रामीण लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गांव का मतदाता अपने स्थानीय प्रतिनिधि का चुनाव करता है और विकास की दिशा तय करता है। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया को लेकर बार-बार असमंजस की स्थिति पैदा होना उचित नहीं है।
श्री जूली ने कहा कि पंचायत चुनाव की लॉटरी इससे पहले भी स्थगित की जा चुकी है। गत 16 अगस्त को सरकार ने 18 अगस्त को प्रस्तावित सरपंच और वार्ड पंचों के आरक्षण की लॉटरी को स्थगित किया था। अब 17 और 18 सितंबर की प्रस्तावित लॉटरी पर भी ब्रेक लगा दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पहले अगस्त में लॉटरी रोकी गई और अब सितंबर में फिर रोक दी गई। आखिर सरकार की तैयारी कहां है। ग्रामीण जनता कब तक चुनावी प्रक्रिया की तारीखों का इंतजार करती रहेगी।
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