पटना , मई 13 -- बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने बुधवार को कहा कि सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का हर प्रतिभावान खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य का नाम रोशन करे।
सुश्री सिंह ने कहा कि बिहार के युवाओं में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और एकलव्य केंद्रों का विस्तार और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से प्रदेश के खिलाडियों की प्रतिभा को निखारने में मदद मिलेगी।
खेल मंत्री ने विभाग के अपर मुख्या सचिव डॉ. बी. राजेंदर के साथ आज जिला स्तर पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की समीक्षा की।
इस अवसर पर अपर मुख्या सचिव श्री राजेंदर ने कहा कि विभाग का लक्ष्य विभिन्न जिलों में विशेष खेलों पर आधारित उत्कृष्टता केंद्र विकसित करना है, जहां संबंधित खेलों में प्रतिभावान खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। उदाहरणस्वरूप किशनगंज में ताइक्वांडो, अरवल में कबड्डी तथा मधेपुरा में बैडमिंटन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाने की योजना है। प्रथम चरण में जिलों में उपलब्ध वर्तमान खेल सुविधाओं का उपयोग करते हुए 6 से 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू किए जाएंगे।
बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव ने एकलव्य प्रशिक्षण केंद्रों की प्रगति की भी समीक्षा की और इसे विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने जिला खेल पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी एकलव्य केंद्रों में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छ पेयजल, शौचालय व्यवस्था तथा खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
वर्तमान में राज्य में 29 एकलव्य केंद्र संचालित हैं, जहां 1250 से अधिक खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग ने मई माह के अंत तक 18 अतिरिक्त एकलव्य केंद्र शुरू करने की तैयारी की है, जिससे राज्य के अधिक प्रतिभावान खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण का अवसर मिल सकेगा।
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