पंचकूला , अगस्त 07 -- हरियाणा के कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश सरकार बुनकरों और हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक, डिजिटल बाजार और बेहतर विपणन व्यवस्था से जोड़कर उनके उत्पादों के लिए बाजार का दायरा बढ़ाने पर जोर दे रही है।

डॉ. अरविंद शर्मा ने शुक्रवार को बुनकर दिवस पर कहा कि सरकार का प्रयास है कि हुनरमंद कारीगरों को न केवल काम मिले, बल्कि उनके उत्पाद और कौशल की उचित कीमत भी मिले।

डॉ. शर्मा ने पंचकूला स्थित खादी केंद्र पहुंचकर बुनकरों और कारीगरों से संवाद किया। उन्होंने कारीगरों द्वारा तैयार खादी वस्त्रों की खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' के माध्यम से बुनकरों, हस्तशिल्पियों और कारीगरों के हुनर को नए बाजार और पहचान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने से छोटे कारीगरों, बुनकरों और उद्यमियों के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।

डॉ. शर्मा ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य तभी मजबूत होगा, जब गांवों और छोटे कस्बों में काम करने वाले हुनरमंद लोग आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगे। इसी उद्देश्य से पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक, डिजिटल बाजार और बेहतर विपणन से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बुनकरी और हस्तशिल्प केवल रोजगार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। युवा पीढ़ी को पारंपरिक कलाओं से जोड़ने और आधुनिक तकनीक के जरिए इन्हें आगे बढ़ाने की जरूरत है।

कैबिनेट मंत्री ने सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले को स्थानीय कारीगरों के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध कराने वाला मंच बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के बुनकर और हस्तशिल्पी मेले में अपने उत्पादों और कला को देश-विदेश से आने वाले लोगों के सामने प्रदर्शित करते हैं।

डॉ शर्मा के अनुसार, गांवों और छोटे कस्बों में पीढ़ियों से संरक्षित हुनर को सही मंच और बाजार मिलने पर वैश्विक पहचान मिल सकती है। सरकार पारंपरिक हुनर को आधुनिक बाजार की मांग से जोड़ने का प्रयास कर रही है, ताकि कारीगरों की आमदनी बढ़ने के साथ सांस्कृतिक विरासत भी सुरक्षित रहे।

उन्होंने कहा कि 'वोकल फॉर लोकल' केवल नारा नहीं, बल्कि स्थानीय कारीगरों और स्वदेशी उत्पादों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का अभियान है। उन्होंने कहा कि हुनर का सम्मान, कारीगरों का आर्थिक सशक्तिकरण और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने बुनकर दिवस पर देश के बुनकरों, हस्तशिल्पियों और कारीगरों को शुभकामनाएं भी दीं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित