रायबरेली , जून 16 -- उत्तर प्रदेश के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने मंगलवार को कहा है कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ प्रत्येक किसान तक पहुंचाना है।

श्री सिंह आज रायबरेली के हरचंदपुर में स्थित श्री महावीर सिंह स्मारक महाविद्यालय, कठवारा में आयोजित मंडलीय औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी में बोल रहे थे।

उन्होंने किसानों से परंपरागत खेती के साथ फल, फूल, सब्जी, सुगंधित एवं औषधीय फसलों की खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि औद्यानिक फसलों से अधिक आय अर्जित की जा सकती है।

कार्यक्रम में लखनऊ, अयोध्या और प्रयागराज मंडल के नौ जिलों के किसानों ने भाग लिया। इस दौरान उद्यान विभाग और मंडी विभाग की कुल 47.54 करोड़ रुपये लागत की 60 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। साथ ही औद्यानिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 27 किसानों को सम्मानित किया गया तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के तहत विभिन्न जिलों के 10 उद्यमियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

गोष्ठी में उद्यान विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि संबंधित नौ जिलों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, हाईटेक नर्सरी, शहद उत्कृष्टता केंद्र, पौधशालाओं के सुदृढ़ीकरण और प्रशिक्षण संबंधी आधारभूत संरचनाओं के विकास पर लगभग 86.30 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें रायबरेली में करीब 27 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शामिल हैं।

अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सब्जी, सिंघाड़ा, तरबूज, खरबूज, शिमला मिर्च, दूध और गन्ना उत्पादन में देश में अग्रणी है। उन्होंने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत प्रदेश में 3.50 लाख से अधिक खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की गई हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रंजना चौधरी, पूर्व विधायक हरचंदपुर राकेश सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धि लाल पासी, जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका, मुख्य विकास अधिकारी अंजू लता सहित उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित