अमृतसर , अप्रैल 09 -- खालसा साजना दिवस (बैसाखी) के अवसर पर पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) कार्यालय में वीजा लगे पासपोर्ट सौंपे गए। इस अवसर पर शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
एडवोकेट धामी ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि शिरोमणि कमेटी द्वारा विभिन्न ऐतिहासिक दिवसों पर सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन के लिए भेजा जाता है। इस बार खालसा साजना दिवस (बैसाखी) के समागमों में भाग लेने के लिए यह जत्था कल 10 अप्रैल को सुबह आठ बजे शिरोमणि कमेटी के कार्यालय से रवाना होगा।
शिरोमणि कमेटी ने इस बार 1795 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे थे, जिनमें से दिल्ली स्थित पाकिस्तान दूतावास ने 1763 श्रद्धालुओं को वीजा जारी किए हैं।
शिरोमणि कमेटी अध्यक्ष ने पाकिस्तान और भारत सरकार से गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब का गलियारा (कॉरिडोर) फिर से खोलने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारों को सिखों की अपने गुरुधामों के प्रति अटूट श्रद्धा का सम्मान करना चाहिए। एडवोकेट धामी ने यह भी मांग की कि दर्शन के लिए पासपोर्ट की शर्त को खत्म किया जाए और पाकिस्तान सरकार द्वारा ली जाने वाली 20 डॉलर की फीस भी समाप्त की जाए।
इस दौरान सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने बताया कि जो श्रद्धालु आज पासपोर्ट लेने नहीं पहुंच सके, वे जत्थे की रवानगी से पहले शिरोमणि कमेटी कार्यालय से अपने पासपोर्ट प्राप्त कर लें।
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