चेन्नई , अक्टूबर 08 -- तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले में पल्लानी के पास मानूर में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल के पीने के पानी के टैंक में मानव मल मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व और स्कूल विभाग के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए टैंक की जांच की और गुरुवार को एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया। वहीं पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. अंबुमणि रामदास ने घटना की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि मामले को दो दिनों तक छिपाकर रखा गया था।
यह घटना मनूर गांव के पंचायत यूनियन प्राथमिक स्कूल में सामने आई, जहां इलाके के लगभग 100 छात्र पढ़ते हैं। यह मामला तब सामने आया जब तिमाही परीक्षा की छुट्टियों के बाद 5 अक्टूबर को स्कूल फिर से खुला। स्कूल प्रशासन के अनुसार सुबह पीने के पानी का टैंक भरने आए मिड-डे मील कर्मचारियों ने छात्रों के लिए पीने का पानी जमा करने वाले प्लास्टिक टैंक के अंदर मानव मल देखा। उन्होंने तुरंत प्रधानाध्यापक जयकुमार को सूचित किया, जिसके बाद टैंक को हटाकर साफ किया गया और अलग रख दिया गया।
प्रधानाध्यापक के अनुसार स्कूल में पीने के पानी की कमी थी और इसलिए हर दिन पानी जमा करने के लिए प्लास्टिक के टैंक का इस्तेमाल किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि स्कूल खुलने की सुबह जब कर्मचारियों ने टैंक की जांच की तो उसमें मानव मल मिला। इसके बाद मामले की जानकारी शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। प्रधानाध्यापक ने यह भी कहा कि जब मल मिला तो टैंक में पानी नहीं था, इसलिए इस बात की संभावना कम है कि छात्रों ने दूषित पानी पिया हो। घटना के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने परिसर का निरीक्षण किया।
इस घटना से अभिभावकों में चिंता फैल गई। वे स्कूल परिसर में जमा हुए और विरोध-प्रदर्शन किया। प्रधानाध्यापक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस दोषी की पहचान करने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।
इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबुमणि रामदास ने एक बयान में कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि इस घटना को दो दिनों तक छिपाकर रखा गया, जबकि छात्रों के अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया।
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