चंडीगढ़ , अप्रैल 27 -- हरियाणा में सरकारी स्कूलों में लगातार घटते दाखिलों को लेकर कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने चिंता जतायी है।
उन्होंने यहां एक बयान में कहा कि ताज़ा आंकड़ों के अनुसार एक वर्ष में करीब 3.92 लाख बच्चों के दाखिले कम हुए हैं, जो लगभग 18 प्रतिशत की गिरावट है। पिछले छह वर्षों से जारी यह गिरावट राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि सरकारी नीतियों के कारण आम लोगों का भरोसा सरकारी स्कूलों से कम हो रहा है और अभिभावक बच्चों को निजी स्कूलों में भेजने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों जैसे फरीदाबाद, गुरुग्राम, करनाल, पानीपत, हिसार, भिवानी, जींद, सिरसा और फतेहाबाद में दाखिलों में बड़ीकमी देखी गयी है।
उन्होंने 'प्रवेश उत्सव' जैसे अभियानों को औपचारिक बताया और कहा कि जमीनी स्तर पर स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, शिक्षकों के खाली पद और कमजोर ढांचा स्थिति को और खराब कर रहे हैं। उन्होंने 'चिराग योजना' की भी आलोचना करते हुए कहा कि इससे सरकारी स्कूल कमजोर हो रहे हैं और शिक्षा का निजीकरण बढ़ रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि स्कूलों में सुविधाएं बेहतर की जायें, शिक्षकों की भर्ती जल्द हो और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारी जाए, ताकि सभी वर्गों के बच्चों को समान अवसर मिल सके।
उन्होंने एक भाजपा राज्यसभा सांसद द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन बिश्नोई पर की गयी टिप्पणी की निंदा की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को मर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए और इस मामले में सार्वजनिक माफी मांगी जानी चाहिए।
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