लुधियाना , जुलाई 27 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को कहा कि सरकारी स्कूलों को मजबूत करने, आधुनिक शैक्षणिक ढांचा विकसित करने और शिक्षकों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने की राज्य सरकार की नीति के कारण पंजाब स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही गरीबी दूर करने और समाज में बदलाव लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने लुधियाना के सरकारी प्राथमिक विद्यालय, लोहरा में वर्धमान टेक्सटाइल्स समूह के सहयोग से निर्मित पांच करोड़ की लागत वाले नए 'वर्धमान ब्लॉक' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की नीट, जेईई और पंजाब स्टेट टैलेंट सर्च एग्जामिनेशन जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता राज्य सरकार के शिक्षा सुधारों की बड़ी उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नये ब्लॉक में विद्यार्थियों के लिए 18 आधुनिक कक्षाएं, फर्नीचर तथा शिक्षकों के लिए तीन कमरे बनाये गये हैं। उन्होंने वर्धमान टेक्सटाइल्स समूह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समूह ने लोहरा, ग्यासपुरा, कसाबाद, लाडोवाल, सेखेवाल सहित कई सरकारी स्कूलों में भी शैक्षणिक ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

श्री मान ने कहा कि मुफ्त सुविधाएं या रियायतें गरीबी को स्थायी रूप से समाप्त नहीं कर सकतीं, लेकिन शिक्षा लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाकर गरीबी और सामाजिक बुराइयों से बाहर निकालने का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार के पिछले चार वर्षों के प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर देश में पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्मार्ट क्लासरूम विकसित किये, शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण दिया और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के ताजा आंकड़े भी पंजाब को प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में देश का शीर्ष राज्य बताते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा समाज से अज्ञानता का अंधकार दूर करने वाली रोशनी है, इसलिए राज्य सरकार इस क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और आने वाले समय में भी शिक्षा सुधारों को और गति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि लुधियाना जिले के सरकारी स्कूलों में लगभग तीन लाख विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। जिले में 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस, 11 स्कूल ऑफ ब्रिलियंस और 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस संचालित हैं। इसके अलावा मिलरगंज और डिवीजन नंबर-3 में दो नये स्कूल ऑफ एमिनेंस भी तैयार हो चुके हैं, जिन्हें जल्द जनता को समर्पित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के 146 विद्यार्थियों ने नीट, 33 विद्यार्थियों ने जेईई मेन, 9 विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस और 47 विद्यार्थियों ने पंजाब स्टेट टैलेंट सर्च परीक्षा में सफलता हासिल की है, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था में आये सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है।

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