अलवर , अगस्त 14 -- राजस्थान में अलवर जिले के मालाखेड़ा उपखंड के इंदरगढ़ गांव का राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय इन दिनों शिक्षा के क्षेत्र में किये गये अनूठे नवाचार को लेकर चर्चा में है।

यहां बच्चों के लिए विद्यालय परिसर में हवाई जहाज की आकृति का विशेष कक्ष बनाया गया है, जिसे 'एजुकेशन एयरलाइन' नाम दिया गया है। विमान जैसे इस कक्ष में बैठकर पढ़ाई करते समय बच्चों को ऐसा महसूस होता है, जैसे वे हवाई यात्रा कर रहे हों।

विद्यालय की प्रधानाचार्य पुष्पा मीणा के अनुसार, सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने और बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह पैदा करने के उद्देश्य से यह नवाचार किया गया है। सहगल फाउंडेशन के सहयोग से बनाये गये इस विशेष डिजिटल कक्ष में करीब 40 बच्चों के बैठने की व्यवस्था है। कक्षा की सामने वाली दीवार पर 55 इंच की एलईडी लगायी गयी है, जिसके माध्यम से कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों को अलग-अलग कालांश में इंटरनेट आधारित डिजिटल पढ़ाई कराई जाती है।

उन्होंने बताया कि चार स्तम्भों पर खड़ा विमान जैसा यह कक्ष दूर से ही आकर्षण का केंद्र नजर आता है। इसमें विमान के पहियों की तरह टायर भी बनाये गये हैं। अंदर प्रवेश करते ही सीट और डिजिटल स्क्रीन बच्चों को विमान में बैठने जैसा अनुभव कराती है। बच्चों के लिए यह केवल एक कक्षा नहीं, बल्कि पढ़ाई के साथ रोमांच और कल्पना का अनुभव भी बन गयी है।

पुष्पा मीणा बताती हैं कि जब बच्चे इस कक्ष में बैठते हैं, तो उनके चेहरे पर अलग ही उत्साह नजर आता है। कई बच्चे विमान में बैठने की कल्पना करते हुए पढ़ाई करते हैं। डिजिटल स्क्रीन पर पढ़ाई होने से उनका ध्यान विषय पर ज्यादा केंद्रित रहता है। हवाई जहाज जैसी कक्षा ने बच्चों के लिए स्कूल को आकर्षण का केंद्र बना दिया है।

इस नवाचार का असर विद्यालय के नामांकन पर भी दिखाई दे रहा है। विद्यालय में छात्र संख्या करीब 400 तक पहुंच गयी है। आसपास के गांवों के कई विद्यार्थी निजी विद्यालयों को छोड़कर वापस इंदरगढ़ के सरकारी विद्यालय में प्रवेश ले चुके हैं। अभिभावकों को भी विद्यालय में बेहतर पढ़ाई के साथ आधुनिक सुविधाएं मिलने से सरकारी विद्यालय के प्रति भरोसा बढ़ा है।

प्रधानाचार्य के मुताबिक, स्कूल की बदली तस्वीर और आधुनिक तरीके से पढ़ाई का वातावरण बच्चों को लगातार आकर्षित कर रहा है।

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