पटना , अक्टूबर 30 -- बिहार के सरकारी विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की पहल पर शिक्षा विभाग ने इस दिशा में कदम उठाते हुए सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को विद्यालयों में कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को एआई के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं।

विभाग के अपर मुख्य सचिव सीके अनिल के निर्देश पर शुक्रवार को इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी किया गया। पत्र में कहा गया है कि दुनिया भर में शिक्षा के क्षेत्र में एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसके इस्तेमाल से समय की बचत के साथ कामकाज को अधिक आसान और प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे तकनीकी प्रगति और कार्यक्षमता को भी बढ़ावा मिलेगा।

पत्र के अनुसार, जिला स्तर पर विभागीय योजनाओं और विभिन्न कार्यक्रमों की निगरानी एवं समीक्षा में भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग काफी उपयोगी हो सकता है। इसके लिए चैटजीपीटी और क्लाउड जैसे अनुप्रयोगों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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