भोपाल , अक्टूबर 08 -- गरीबों को वितरित किए जाने वाले सरकारी राशन में बड़ी मात्रा में खाद्यान्न की कमी पाए जाने के मामले में भोपाल जिला अदालत ने उचित मूल्य दुकान संचालक को राहत नहीं दी है। बारहवें अपर सत्र न्यायाधीश जयंत शर्मा की अदालत ने आपराधिक अपील क्रमांक सीआरए 438/2026 खारिज करते हुए अपर कलेक्टर भोपाल द्वारा उचित मूल्य दुकान का आवंटन निलंबित करने और खाद्यान्न की कमी की राशि 12 लाख 20 हजार 535 रुपये जमा कराने के आदेश को बरकरार रखा है। अदालत ने यह फैसला पांच अक्टूबर 2026 को सुनाया।
मामला चांदबड़ वार्ड-36 स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान क्रमांक 2803114 से जुड़ा है। दुकान का संचालन रजनी महिला प्राथमिक उपभोक्ता सहकारी भंडार द्वारा किया जा रहा था। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुनील वर्मा के औचक भौतिक सत्यापन के दौरान दुकान के रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध खाद्यान्न के स्टॉक में भारी अंतर पाया गया।
जांच के दौरान स्टॉक में 249.15 क्विंटल गेहूं, 115.36 क्विंटल चावल, 9.44 क्विंटल नमक और 0.49 क्विंटल शक्कर कम पाई गई। खाद्यान्न की इस कमी की कुल कीमत 12 लाख 20 हजार 535 रुपये आंकी गई।
मामला सामने आने के बाद अपर कलेक्टर भोपाल ने मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश, 2015 के तहत दो अप्रैल 2026 को दुकान का आवंटन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। साथ ही संबंधित विक्रेता रामबाबू शर्मा को कम पाए गए खाद्यान्न की कीमत 15 दिन के भीतर चालान के माध्यम से शासकीय खाते में जमा कराने के निर्देश दिए गए थे।
इस आदेश के खिलाफ रामबाबू शर्मा ने सत्र न्यायालय में आपराधिक अपील दायर की थी। अपील में स्टॉक में अंतर के लिए कोरोना काल के दौरान ऑफलाइन राशन वितरण को वजह बताया गया। हालांकि, अदालत के समक्ष पिछले दो वर्षों से स्टॉक में चली आ रही कमी के संबंध में संतोषजनक दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जा सके। अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड और प्रशासनिक कार्रवाई के आधार पर अपील खारिज करते हुए उचित मूल्य दुकान का आवंटन निलंबित करने और खाद्यान्न की कमी की राशि जमा कराने संबंधी आदेश को बरकरार रखा।
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