जालंधर , जनवरी 14 -- पंजाब के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं विधायक परगट सिंह ने बुधवार को राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर माघी मेले में राजनीतिक रैली के लिए 1600 सरकारी बसों का इस्तेमाल करने की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि सरकार के पास सरकारी मुलाजिमों को देने के लिए वेतन और पेंशन के पैसे नहीं है, लेकिन रैलियों में मुहैया करवाने के लिए सरकारी बसें जरूर उपलब्ध हैं।

श्री सिंह ने यहां अपने बयान में कहा कि यह शासन नहीं है, बल्कि सरकार की तरफ से सरकारी स्रोतों की खुलेआम की जा रही लूट है। पंजाब सरकार के पास लोगों के हकों के लिए पैसा नहीं, लेकिन राज्य सरकार अपनी पब्लिसिटी के लिए करोड़ों रुपए बर्बाद कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में कर्ज के मामले में पंजाब दूसरे स्थान का राज्य बन चुका है। दिन प्रतिदिन सब्सिडी और अन्य मुफ्त सुविधाओं के चलते कर्ज बढ़ता जा रहा है। कैग और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्टों के मुताबिक चार सालों में 2.25 लाख करोड़ रुपए का कर्ज बढ़कर करीब चार लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। जोकि अगले साल 2026 अंत तक पांच लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की संभावना है। पंजाब का बच्चा-बच्चा इस समय 1.33 लाख रुपए के कर्ज के नीचे दबा हुआ है।

उन्होंने कहा कि वाह-वाही लूटने के लिए पंजाब सरकार ने सरकारी बसों में महिलाओं के लिए सफर मुफ्त कर दिया, लेकिन मुफ्त यात्रा स्कीम का 750 करोड़ रुपए पीआरटीसी और पनबस को अभी तक नहीं मिला है। पटियाला में पीआरटीसी के मुलाजिम सड़कों पर धरने दे रहे हैं। इनको सैलरी तक समय पर नहीं मिल पा रही है। अलग-अलग सरकारी विभागों के 2700 करोड़ रुपए अभी तक बाकी हैं और 10500 करोड़ रुपए की बिजली सब्सिडी का बकाया लटक रहा है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित