कांकेर , मई 11 -- ) छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक 24 वर्षीय युवती को सरकारी नौकरी का झांसा देकर दूसरे राज्य ले जाया गया और उसे बंधक बनाकर पैसे वसूले गए।
यह मामला सोमवार को उजागर हुआ। प्राप्त जानकारी जानकारी के अनुसार कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता को उसकी ही सहेली देवकुमारी मंडावी ने बलरामपुर जिले में भृत्य पद पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके लिए व्हाट्सएप पर फर्जी विज्ञापन और दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया, जिसके बाद युवती को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया।
पीड़िता जब निर्धारित स्थान से बस में सवार हुई, तो उसे बाद में पता चला कि उसे बलरामपुर नहीं बल्कि झारखंड के गढ़वा ले जाया जा रहा है। यह घटना छह मई की बताई जा रही है।
गढ़वा पहुंचने के बाद दो अज्ञात व्यक्तियों ने युवती को एक कमरे में बंधक बना लिया। आरोप है कि साक्षात्कार के नाम पर उससे 10,000 रुपये की अवैध वसूली की गई, उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया तथा उसे डराने के लिए वीडियो भी बनाया गया।
किसी तरह साहस जुटाकर पीड़िता ने अपने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद झारखंड पुलिस की मदद से उसे सुरक्षित मुक्त कराया गया तथा वसूली गई राशि भी वापस दिलाई गयी।
पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ आज कांकेर सांसद तथा जिला प्रशासन को आवेदन देकर न्याय की मांग की है। आवेदन में यह भी गंभीर दावा किया गया है कि झारखंड के गढ़वा जिले में कांकेर और धमतरी क्षेत्र के लगभग 30 से 35 युवक-युवतियां अभी भी फंसे हो सकते हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर आशंका जताई गई है।
इस मामले को लेकर सांसद भोजराज नाग ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, लेकिन स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर सीमित हैं। इसी कारण कई युवा फर्जी संस्थाओं के जाल में फंस जाते हैं और शोषण का शिकार बनते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेकर सरकार को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की जाएगी तथा पीड़िता को न्याय दिलाया जाएगा।
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