भुवनेश्वर , सितंबर 3 -- ओडिशा के ढेंकनाल में करीब नौ लाख रुपये के सरकारी धन के गबन के मामले में पूर्व जिलाधिकारी और एक अन्य अधिकारी को विशेष सतर्कता (विजिलेंस) न्यायाधीश ने गुरुवार को एक-एक साल के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने तीनों दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है।

ओडिशा विजिलेंस ने पूर्व जिलाधिकारी नित्यानंद मोहंती, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी के पूर्व परियोजना निदेशक सूर्यनारायण दास (सेवानिवृत्त) और परिवहन ठेकेदार सत्यनंद बालसामंत के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था।

सतर्कता विभाग के सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2001-02 के दौरान तब ढेंकनाल के कलेक्टर के रूप में कार्यरत मोहंती ने दास और परिवहन ठेकेदार बालसामंत के साथ मिलकर खाद्यान्न परिवहन में तय मानकों का उल्लंघन किया, जिससे सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचा। जांच में सामने आया कि श्रम-गहन कार्य कार्यक्रम के तहत भारतीय खाद्य निगम के ढेंकनाल स्थित गोदाम से विभिन्न ब्लॉकों और ग्राम पंचायत मुख्यालयों तक चावल और गेहूं के परिवहन के लिए मोहंती ने दास की प्रस्तावित उच्च दरों को मंजूरी दी थी।

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