पटना , सितंबर 15 -- बिहार सरकार ने बाढ़ के जोखिम को कम करने और जलस्रोतों की क्षमता बहाल करने के उद्देश्य से मंगलवार को 'बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026' प्रस्तावित करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये इस फैसले के तहत नदियों, बराजों और जलाशयों से गाद निकालकर उनकी जल वहन एवं जल धारण क्षमता बहाल की जाएगी तथा निकाली गयी गाद का इस्तेमाल विभिन्न आधारभूत संरचना परियोजनाओं में भराई के लिए किया जाएगा।
जल संसाधन विभाग के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण राज्य में वर्षा का स्वरूप अनियमित हो रहा है और औसत वर्षापात में कमी परिलक्षित हो रही है। दूसरी ओर बढ़ती आबादी, कृषि, नगरीकरण और औद्योगीकरण के कारण जल की मांग लगातार बढ़ रही है। नदियों, बराजों और जलाशयों में भारी मात्रा में गाद जमा होने से उनकी जल वहन एवं धारण क्षमता घट रही है, जिससे सिंचाई क्षमता में कमी के साथ बाढ़ का जोखिम और आवृत्ति बढ़ रही है।
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