पटना , अप्रैल 14 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी को आज पुनः पार्टी विधायक दल का नेता चुन लिया गया है।
भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में श्री चौधरी के नाम का प्रस्ताव प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किया और इसका समर्थन पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता रेनू देवी तथा अन्य नेताओं ने किया।
भाजपा विधायक दल का नेता बनने के साथ ही श्री चौधरी के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। ऐसी सम्भावना है कि आज ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विधायक दल की बैठक में श्री चौधरी को गठबंधन का नेता चुना जायेगा और उसके बाद वह राज्यपाल से मिल कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री के रूप में उनके शपथ लेने की संभावना है।
श्री चौधरी ने एक युवा नेता के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1990 में की थी। 1999 में वह थोड़े समय के लिए राबड़ी देवी मंत्रिमंडल में कृषि मंत्री बने थे। इसके बाद सन 2000 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में परबत्ता सीट से राष्ट्रीय जनता दल (राजद ) के टिकट पर चुनाव जीत कर वह पहली बार विधायक बने। 2010 में वह एक बार फिर राजद के विधायक बने।
श्री चौधरी 2014 में जदयू में शामिल हुए और विधान परिषद के सदस्य बने। उसी साल मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के मंत्रिमंडल में उन्हें जगह मिली। श्री चौधरी 2018 में भाजपा में शामिल हुए और पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष बने। सन 2021 में वह नीतीश मंत्रिमंडल में पंचायती राज मंत्री बने और 2022 में भाजपा ने उनको विधानपरिषद में विपक्ष का नेता बनाया।
श्री चौधरी को भाजपा ने 23 मई 2023 को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बना कर बड़ी जिम्मेदारी दी और 2024 में उन्हें भाजपा विधायक दल का नेता और प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। श्री चौधरी ने नवंबर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में तारापुर सीट पर प्रचंड जीत हसिल की और नई सरकार ने उपमुख्यमंत्री के साथ गृहमंत्री बने थे। उसी समय से उनको प्रदेश के भावी मुख्यमंत्री के रूप में देखा जा रहा था।
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