चेन्नई , जून 29 -- समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपेडा) पहली जुलाई को यहां 'समुद्री खाद्य उत्पाद में मूल्यवर्धन'पर राष्ट्रीय सीफड कौशल ओलंपियाड का दूसरा संस्करण आयोजित करेगी, जिसे देश भर से कुशल समुद्री खाद्य प्रसंस्करण पेशेवर शामिल होंगे और मूल्यवर्धित समुद्री खाद्य उत्पाद तैयार करने में अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन करेंगे।

एमपेडा की सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार एक से तीन जुलाई तक चलने वाले सीफूड एक्सपो भारत (एसईबी) 2026 के अंतर्गत आयोजित की वाली इस प्रतियोगिता का उद्देश्य नवाचार और गुणवत्ता मानक संवर्धन, उद्योग के क्षेत्र में प्रतिभा को पहचानना और भारत के समुद्री खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में कार्यबल विकास को गति देना है। साथ ही, इसका उद्देश्य समुद्री उत्पादों के विशेषज्ञों में अधिक मूल्य वर्धन को बढ़ावा देना भी है।

सीफूड कौशल ओलंपियाड के इस दूसरे संस्करण से पहले, एमपेडा ने देश भर में व्यापक तौर पर क्षमता-निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें 50 समुद्री खाद्य मूल्य वर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल थे, जिनके ज़रिए 2,500 से अधिक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण कार्यकर्ताओं और पेशेवरों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उच्च मांग वाले समुद्री उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण में ब्रेडेड स्क्विड रिंग्स, नोबाशी (स्ट्रेच्ड श्रिम्प), ब्रेडेड बटरफ़्लाई श्रिम्प, पके हुए छीले और साफ किए हुए (पीडीटीओ) श्रिम्प, मैरीनेटेड श्रिम्प स्क्यूअर्स और फ़िश फ़िलेट्स जैसे उत्पाद शामिल थे। प्रत्येक प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद शुरुआती स्तर की कौशल प्रतियोगिताएं आयोजित की गयीं और सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों को चुना गया।

यह प्रतियोगिता तटीय राज्यों में आयोजित राज्य-स्तरीय स्किल ओलंपियाड से आगे बढ़कर मुंबई (पश्चिमी तट) और विजयवाड़ा (पूर्वी तट) में क्षेत्रीय स्किल ओलंपियाड का रूप लिया। इन क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ 10 प्रतियोगी अब नेशनल सीफूड स्किल ओलंपियाड के ग्रैंड फ़िनाले के लिए चुने जा चुके हैं।

ग्रैंड फिनाले में, अंतिम दौर में पहुंचने वाले समुद्री खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और शैक्षणिक जगत के विशेषज्ञों की एक प्रतिष्ठित जूरी के समक्ष अपने तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करेंगे। विजेताओं को पदक, प्रमाणपत्र और 1,00,000 लाख (पहला इनाम), 75,000 (दूसरा इनाम), 50,000 (तीसरा इनाम) और 25,000 (चौथा इनाम/ सांत्वना पुरस्कार) नकद पुरस्कार प्रदान किये जाएंगे। इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, समुद्री खाद्य निर्यातक, अंतरराष्ट्रीय खरीदार, उद्योग जगत के अग्रणी, तकनीकी विशेषज्ञ और 'सीफ़ूड एक्सपो भारत 2026' में हिस्सा लेने वाले प्रतिनिधि शामिल होंगे।

फ़ाइनलिस्ट द्वारा बनाये गये पुरस्कार जीतने वाले मूल्य वर्धित समुद्री खाद्य उत्पाद को 'स्किल ओलंपियाड पैविलियन' में प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, एमपेडा के प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से तैयार किये गये निर्यातोन्मुख मूल्य-वर्धित समुद्री उत्पाद के प्रत्यक्ष प्रदर्शन और चखने का सत्र भी होंगे।

एमपेडा के अध्यक्ष पी. जवाहर का कहना है, " राष्ट्रीय सीफ़ूड कौशल ओलंपियाड, समुद्री खाद्य मूल्य श्रृंखला में बेहतरीन काम को बढ़ावा देने की हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता का परिचायक है। कुशल प्रतिभा को पहचानकर और बढ़ावा देकर, हम उद्योग के कार्यबल को सुदृढ़ बना रहे हैं। यह ओलंपियाड उच्च गुणवत्ता वाले समुद्री खाद्य के विश्वसनीय वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की प्रतिष्ठा को अधिक बेहतर बनाता है। "सीफूड एक्सपो भारत 2026', भारत का शीर्ष अंतरराष्ट्रीय समुद्री खाद्य प्रदर्शनी है, जिसे एमपेडा आयोजित करता है। इसमें 325 से अधिक प्रदर्शन स्टॉल होंगे, जो समुद्री उत्पाद प्रसंस्करण, जलकृषि, पैकेजिंग मशीनरी, लॉजिस्टिक्स और सरकारी पवेलियन जैसे खास जोन में बंटे होंगे। विज्ञप्ति के अनुसार तीन दिनों तक, देश-विदेश के लगभग 5,000 हितधारक व्यापक प्रभाव डालने वाली बी2बी बैठकों में भाग लेंगे, खुदरा और कृषि श्रृंखलाओं में नेटवर्किंग बनाएंगे और नवाचार और स्थिरता पर केंद्रित पांच समानांतर तकनीकी सत्रों में भाग लेंगे।

इसके अलावा, प्रदर्शनी में सक्रिय कार्यबल और पाककला आयोजन भी होंगे, जैसे 'सीफूड प्रोसेसिंग स्किल ओलंपियाड' और 'सीफूड कुलीनरी ओलंपियाड'। यह विभिन्न हितधारकों के लिए अपने बाजार को बढ़ाने और वैश्विक समुद्री खाद्य मूल्यवर्धन श्रृंखला में रणनीतिक हिस्सेदारी बनाने का एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म होगा।

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत का समुद्री खाद्य निर्यात 8.45 अरब अमेरिकी डॉलर के रिकार्ड तक पहुंच गया, जिससे दुनिया के अग्रणी समुद्री खाद्य निर्यात करने वाले देशों में भारत की स्थिति और मजबूत हुई। देश में अभी 670 मंजूरी-प्राप्त समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां हैं, जिनकी कुल प्रसंस्करण क्षमता 40,000 टन प्रतिदिन से अधिक है। इनमें से 127 प्रसंसक्रण इकाइयां मूल्य वर्धित समुद्री खाद्य उत्पन्न बनाती हैं, जो भारत के कुल समुद्री खाद्य उत्पादों के निर्यात में लगभग 10 प्रतिशत (0.84 अरब अमेरिकी डॉलर) का योगदान देती हैं।

मूल्य वर्धित समुद्री खाद्य उत्पाद क्षेत्र में वृद्धि की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए, भारत ने 2030 तक कुल समुद्री खाद्य उत्पादों के निर्यात में मूल्य वर्धित निर्यात की हिस्सेदारी को 25 प्रतिशत तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

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