भिवानी , सितंबर 09 -- हरियाणा के सरकारी बिजली वितरण तंत्र को निजी हाथों में सौंपने की कोशिशों के खिलाफ बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने 15 सितंबर या किसी भी अन्य तारीख को गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए समानांतर लाइसेंस जारी किया तो प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर उसी दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

हरियाणा पावर कॉरपोरेशन एससी-बीसी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह बराड़, इंजीनियर संजय रंगा और एचपीईए प्रवक्ता इंजीनियर नारायण प्रकाश ने संयुक्त बयान में कहा कि सरकारी बिजली व्यवस्था और संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की नीति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से जनहित में इस प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित हड़ताल में भिवानी जिले के कर्मचारी भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। मोर्चा अपनी लंबित मांगों को लेकर बिजली मंत्री को समीक्षा पत्र भी भेजेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 20 सितंबर तक कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा के लिए सरकार ने वार्ता नहीं बुलाई तो संयुक्त संघर्ष मोर्चा आपात बैठक कर आगामी बड़े आंदोलन की घोषणा करेगा।

मोर्चा के नेता हरियाणा एग्री डिस्कॉम के गठन, पैरेलल लाइसेंस व्यवस्था और स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में प्रदेशभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाएंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित