बैतूल , अगस्त 27 -- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल की पहल पर जिले में शासकीय विद्यालयों की अधोसंरचना सुधारने के लिए समाज और सरकार की साझेदारी से 'शिक्षा संजीवनी अधोसंरचना विकास अभियान' शुरू किया गया है। श्री खंडेलवाल ने जिले के 10 शासकीय विद्यालयों के समुचित विकास में स्वयं सहयोग करने की घोषणा की है।
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने इस पहल को जनभागीदारी की कार्ययोजना का स्वरूप दिया है। अभियान के तहत जिले के 2,284 शासकीय विद्यालयों के विकास का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 415 विद्यालयों को शामिल किया गया है, जहां करीब 18 से 20 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके बाद 500-500 विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से अभियान से जोड़ा जाएगा।
अभियान की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा के लिए गुरुवार को कलेक्ट्रेट में बैठक हुई। कलेक्टर ने बताया कि पहले चरण के 415 विद्यालयों में से 271 में विकास कार्यों का आवंटन किया जा चुका है। प्रत्येक चयनित विद्यालय के लिए करीब पांच से सात लाख रुपये की राशि प्रस्तावित है। शिक्षक दिवस पांच सितंबर से विकास कार्य शुरू किए जाएंगे और प्रत्येक सप्ताह करीब 100 विद्यालयों में काम शुरू कर नवंबर 2026 तक इन्हें पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, भवन एवं छत की मरम्मत, फर्नीचर, विद्युतीकरण, पंखे-लाइट, बाउंड्रीवाल, अतिरिक्त कक्ष और स्मार्ट कक्षा जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। अभियान में विभिन्न विभागों, बैंकिंग संस्थाओं तथा सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
अभियान के तहत अब तक 600 से अधिक नागरिकों ने पंजीयन कर विद्यालयों के विकास में सहयोग की सहमति दी है। उर्वरक विक्रेता संघ ने 10 और शुगर मिल ने पांच विद्यालयों में सहयोग की इच्छा जताई है। जिले के शिक्षा संघों ने 9,000 से अधिक डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने का लिखित संकल्प दिया है।
श्री खंडेलवाल ने निजी विद्यालयों से भी सरकारी स्कूलों को मार्गदर्शन देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालय अधोसंरचना के साथ शिक्षा की गुणवत्ता, तकनीक, नवाचार और बेहतर शिक्षण पद्धतियों में भी सहयोग कर सकते हैं। आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान और जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार ने भी व्यक्तिगत सहयोग की इच्छा जताई।
अभियान के तहत विद्यालयों के निर्माण में बैतूल की जनजातीय संस्कृति की झलक देने पर भी जोर दिया गया है। इंजीनियरों और वास्तुविदों ने स्कूलों के बेहतर स्वरूप के लिए नि:शुल्क सेवाएं देने पर सहमति जताई है। श्री खंडेलवाल ने कहा कि 'शिक्षा संजीवनी' का उद्देश्य केवल स्कूलों की तस्वीर बदलना नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की दिशा बदलना है।
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