पटना , अप्रैल 21 -- बिहार समाज कल्याण विभाग की सचिव बन्दना प्रेयषी ने जनगणना-2027 के प्रथम चरण (हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना) के अंतर्गत स्व-गणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए स्वयं अपना विवरण ऑनलाइन दर्ज कर एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया।

श्रीमती प्रेयषी ने इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल 2026 से 01 मई 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध है, जिसके माध्यम से नागरिक जनगणना पोर्टल पर जाकर अपने परिवार, आवास एवं सुविधाओं से संबंधित जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में कुल 33 प्रश्नों का उत्तर देना होता है तथा स्व-गणना पूर्ण होने पर प्रत्येक परिवार को एक स्व-गणना आईडी प्राप्त होती है, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक है।

श्रीमती प्रेयषी ने बताया कि 02 मई से 31 मई 2026 के बीच प्रगणक घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे, जिसके दौरान स्व-गणना करने वाले परिवारों को अपनी स्व-गणना आईडी दिखानी होगी। उन्होंने कहा कि जो परिवार स्व-गणना नहीं कर पाएंगे, उनका विवरण भी प्रगणकों द्वारा सर्वेक्षण के माध्यम से दर्ज किया जाएगा।

सचिव ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि स्व-गणना की यह प्रक्रिया सरल, सुरक्षित एवं सुविधाजनक है तथा जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एकत्रित सभी जानकारियां पूर्णतः गोपनीय रखी जाती हैं और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण एवं नीति निर्माण के लिए किया जाता है।उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि सशक्त एवं समावेशी विकास की आधारशिला है। प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही सटीक योजनाओं का निर्माण संभव है।

समाज कल्याण विभाग ने बिहार के सभी नागरिकों से अपील की है कि स्व-गणना की इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाएं और जनगणना 2027 को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

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