बैतूल , अगस्त 23 -- संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर जिले में सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश लेकर श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान एवं यात्रा निकाली जा रही है। 22 अगस्त को सारणी से शुरू हुई यात्रा बोरी और बोरदेही होते हुए मोरखा पहुंची, जहां रात्रि विश्राम हुआ। यात्रा में जनप्रतिनिधियों के साथ संत रविदास समाज के अनुयायी, सामाजिक बंधु और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।
यात्रा के माध्यम से गुरु रविदास जी के समानता, सामाजिक समरसता और भाईचारे के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया जा रहा है। जिले में 20 अगस्त से 10 सितंबर तक समरसता पावन कलश एवं कलश रथ निर्धारित मार्गों से होते हुए रविदास मंदिरों और विभिन्न ग्रामों तक पहुंचेंगे।
23 अगस्त को मोरखा मंडल के भ्रमण के बाद यात्रा आमला पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 24 अगस्त को आमला से साईंखेड़ा और मासोद का भ्रमण किया जाएगा। इसके बाद 25 और 26 अगस्त को मुलताई क्षेत्र, 30 अगस्त से आठनेर और सावलमेंढा तथा 31 अगस्त से 2 सितंबर तक भैंसदेही, रतनपुर और भीमपुर क्षेत्र में यात्रा पहुंचेगी।
3 से 5 सितंबर तक चिचोली, पाढर, घोड़ाडोंगरी और चोपना में कार्यक्रम होंगे। 6 सितंबर को यात्रा बैतूल पहुंचेगी तथा 7 से 9 सितंबर तक बैतूल बाजार, खेड़ी सांवलीगढ़ और बैतूल नगर का भ्रमण करेगी। 10 सितंबर को बैतूल नगर भ्रमण के बाद शाम छह बजे यात्रा का समापन होगा।
कलश रथ के स्वागत के दौरान मंदिरों में सामूहिक आरती, गुरु वाणी पाठ, भजन-कीर्तन, भजन संध्या, प्रभात फेरी, झांकी, दीप प्रज्ज्वलन, प्रसाद वितरण और समरसता संकल्प सहित विभिन्न आयोजन होंगे। संत सम्मेलन, आध्यात्मिक संवाद और समरसता गोष्ठियों के माध्यम से गुरु रविदास जी के जीवन एवं विचारों पर चर्चा की जाएगी।
अभियान के तहत रविदास मंदिरों और परिसरों में स्वच्छता तथा आवश्यक विकास कार्य भी कराए जाएंगे। मंदिर समितियों और संतों से संपर्क कर स्थानीय स्तर पर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की पहल भी की जाएगी।
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