चंडीगढ़ , अप्रैल 09 -- हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष ने कहा है कि निर्धारित समय अवधि में आमजन तक सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

लोक भवन में हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट जारी करते हुए उन्होंने 'ऑटो अपील सिस्टम' की सराहना की। इस प्रणाली के तहत तय समय सीमा पार होते ही आवेदन स्वतः अपील में बदल जाता है और उच्च अधिकारियों तक पहुंच जाता है, जिससे शिकायतों का तेजी से समाधान संभव हो रहा है।

उन्होंने कहा कि सुशासन केवल प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य ठोस परिणाम देना होना चाहिए। पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध सेवा वितरण प्रभावी प्रशासन की पहचान है।

मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने कहा कि नागरिक सेवा ही सुशासन का मूल है। आयोग की निगरानी और जवाबदेही से विभागों की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव आया है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बताया कि राइट टू सर्विस लागू होने से अब नागरिकों को तय समय में सेवाएं मिल रही हैं और वे ऑनलाइन अपनी फाइल की स्थिति भी देख सकते हैं।

आयोग के मुख्य आयुक्त टी.सी. गुप्ता ने बताया कि 56 विभागों की 802 सेवाएं इस प्रणाली से जुड़ी हैं। अब तक 27.43 लाख से अधिक अपीलें दर्ज हुई हैं, जिनमें से करीब 98.4 प्रतिशत मामलों का निपटारा किया जा चुका है।

समारोह में समयबद्ध सेवा वितरण और ऑटो अपील सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया।

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