तिरुवनंतपुरम , जनवरी 27 -- कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के विपक्षी विधायकों ने मंगलवार को सबरीमाला सोना चोरी मामले की जांच में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा अनुचित हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए केरल विधानसभा के प्रवेश द्वार पर धरना दिया।
कांग्रेस विधायक सी.आर. महेश और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के विधायक नजीब कंथापुरम ने सदन के सामने शांतिपूर्ण धरना शुरू दिया। उन्होंने सबरीमाला मंदिर से जुड़ी कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है।
विपक्ष ने देवस्वोम मंत्री के इस्तीफे की अपनी मांग को दोहराते हुए उन्हें इस मुद्दे के लिए नैतिक रूप से जिम्मेदार ठहराया। विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य उस दबाव का विरोध करना है, जो मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) पर डाला जा रहा है। उन्होंने सदन को सूचित किया कि विपक्ष विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेते हुए अपना आंदोलन जारी रखेगा।
श्री सतीशन ने बताया कि विरोध की रणनीति के तहत, पहले दिन कांग्रेस और आईयूएमएल से एक-एक विधायक धरने पर बैठेंगे, जिसके लिए श्री महेश और श्री कंथापुरम को यूडीएफ का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है।
गौरतलब है कि यह विरोध प्रदर्शन तब शुरू हुआ जब विधानसभा अध्यक्ष ने 'पय्यानूर शहीद कोष' के कथित दुरुपयोग से जुड़े स्थगन प्रस्ताव सहित अन्य प्रस्तावों को अनुमति देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद, विपक्ष के सदस्यों ने सदन का बहिष्कार कर दिया और प्रवेश द्वार पर धरना देना शुरू कर दिया। सबरीमाला मंदिर में सोना तस्करी मामला मंदिर की कलाकृतियों में सोने की परत चढ़ाने में कथित विसंगतियों और गायब वस्तुओं से संबंधित है। इस मामले की जांच उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त एसआईटी कर रही है। इस मुद्दे ने राज्य में तीखा राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया है।
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