सिरसा , मई 07 -- हरियाणा के सिरसा में एक मई से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है। गलियों, बाजारों और डंपिंग प्वाइंटों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं, जिससे शहर में गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है। सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल को 11 मई तक जारी रखने की घोषणा कर दी है।
अनुमान के अनुसार पिछले सात दिनों में शहर में करीब 1000 टन से अधिक कूड़ा जमा हो चुका है। यदि अगले चार दिनों तक भी सफाई कार्य शुरू नहीं हुआ तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। शहर में फैले कचरे के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है।
नगर परिषद प्रशासन ने बीते दिन डंपिंग प्वाइंट से कूड़ा उठाने का प्रयास किया, लेकिन हड़ताली कर्मचारियों के विरोध के चलते यह प्रयास सफल नहीं हो पाया। सफाई कर्मचारी यूनियन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
शहर के मुख्य बाजारों, गलियों और चौक-चौराहों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। कई स्थानों पर कचरे के कारण नालियां भी जाम हो चुकी हैं। गर्मी के मौसम में सड़कों पर पड़े सड़ते कचरे से दुर्गंध फैलने लगी है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहरवासियों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो हालात नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी शहर में बढ़ती गंदगी पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि जल्द सफाई नहीं होने पर मच्छरों और मक्खियों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है, जिससे डेंगू, मलेरिया, दस्त, उल्टी और टाइफाइड जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाएगा।
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