धार , अक्टूबर 05 -- मध्यप्रदेश के धार शहर में सफाई कर्मचारियों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार से हड़ताल शुरू कर दी। वाल्मीकि सेना के बैनर तले चल रहे प्रदेशस्तरीय आंदोलन के तहत नगर के सफाई कर्मचारियों ने सरकारी वाहन खड़े कर नगर पालिका परिसर में धरना शुरू किया। हड़ताल के पहले दिन शहर की कॉलोनियों और गलियों में कचरा गाड़ियां नहीं पहुंचने से सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

आंदोलन शुरू करने से पहले कर्मचारियों ने कलेक्टर कार्यालय, नगर पालिका अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को लिखित सूचना दी थी। सोमवार को कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अपर कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान कर्मचारियों ने धरना स्थल पर नारेबाजी की।

जिला प्रभारी शंकर खोडे ने बताया कि नगर पालिकाओं और नगर निगमों में चल रही आउटसोर्स यानी ठेका पद्धति को तत्काल बंद किया जाए। सेवा में 10 वर्ष पूरे कर चुके सफाई कर्मचारियों को विनियमित किया जाए। मेडिकल आधार पर अनफिट घोषित कर्मचारियों के स्थान पर उनके परिवार के एक सदस्य को नियुक्ति दी जाए। कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर 10 लाख रुपए का एकमुश्त भुगतान किया जाए।

उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान मस्टर या विनियमित कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिवार को 50 हजार रुपए का फंड और परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। आगामी दीपावली को देखते हुए कर्मचारियों को एक अतिरिक्त वेतन बोनस के रूप में देने की भी मांग की गई है।

जिला अध्यक्ष जितेंद्र मांगलिया और जिला प्रभारी शंकर खोडे ने कहा कि कर्मचारियों को बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों की जरूरत है, जिसके लिए प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन और कर्मचारियों के बीच ठोस सहमति नहीं बनी तो आने वाले दिनों में धार शहर की सफाई व्यवस्था और प्रभावित हो सकती है। हड़ताल के दौरान बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी धरना स्थल पर मौजूद रहे।

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