फरीदकोट , जुलाई 30 -- भारतीय इंकलाबी मार्क्सवादी पार्टी (आरएमपीआई) के महासचिव कॉमरेड मंगत राम पासला ने पंजाब बंद के दौरान सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए पंजाब सरकार से उनकी सभी जायज मांगें तत्काल मानने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को टकराव का रास्ता छोड़कर समाधान की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
फरीदकोट में गुरुवार को आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए श्री पासला ने कहा कि समाज को स्वच्छ रखने वाले सफाई कर्मचारी अपनी वाजिब मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने सरकार के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि कर्मचारियों के साथ न्याय किया जाना चाहिए। उन्होंने बसपा छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए और स्वयं को दलितों का हितैषी बताने वाले जसवीर सिंह गढ़ी से सवाल किया कि बरनाला में सफाई कर्मचारियों, विशेषकर महिलाओं और युवाओं पर कथित अत्याचार करने वाले डीएसपी, एसएचओ और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई न होने के बावजूद वह सरकार में बने क्यों हुए हैं।
श्री पासला ने पंजाब सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष चंदन ग्रेवाल के बयानों की भी आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की बयानबाजी कर्मचारियों को गुमराह करने वाली है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना चाहिए। आरएमपीआई नेता ने पंजाब सरकार द्वारा घोषित वेतन वृद्धि को अपर्याप्त बताया और हुए कहा कि केवल वेतन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाये और उनकी सभी लंबित मांगें पूरी की जायें। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बरनाला मामले में कथित रूप से जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रही है। साथ ही फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर केंद्र और पंजाब सरकार दोनों समान रूप से विफल रही हैं।
श्री पासला ने आरोप लगाया कि हर मोर्चे पर असफल साबित हुई पंजाब सरकार आम जनता और हड़ताली कर्मचारियों के बीच टकराव पैदा करने के लिए भ्रामक प्रचार कर रही है। उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे ऐसे प्रचार से सावधान रहें और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे सफाई कर्मचारियों का समर्थन करें। उन्होंने बताया कि वह एक दिन पहले बरनाला में भी हड़ताली सफाई कर्मचारियों के धरने को संबोधित कर चुके हैं और गुरुवार सुबह शाहकोट में भी आंदोलनरत कर्मचारियों के साथ एकजुटता व्यक्त की।
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