नागोया (जापान) , सितंबर 23 -- एशियाई खेलों में मेडल जीतने वाले युवा तैराकों के साथ-साथ सफ़ेद बालों वाले वॉलंटियर्स भी ट्रे लिए खड़े थे। इस दृश्य ने जापान की बढ़ती उम्र की आबादी की ओर सबका ध्यान खींचा।
आइची-नागोया खेलों में मेडल सेरेमनी के दौरान का यह नज़ारा, बड़े खेल आयोजनों में आमतौर पर दिखने वाले युवा अटेंडेंट्स से बिल्कुल अलग था। आयोजकों का कहना है कि ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया था। आयोजन समिति के वॉलंटियर विभाग के प्रमुख रियोकी सावाडा ने कहा, "मेडल सेरेमनी के सभी अटेंडेंट्स वॉलंटियर्स हैं। ये भूमिकाएँ सिर्फ़ युवाओं के लिए आरक्षित नहीं थीं, और बड़ी संख्या में ज़्यादा उम्र के वॉलंटियर्स को काम पर लगाने की कोई खास कोशिश भी नहीं की गई थी।"उनकी मौजूदगी सिर्फ़ पोडियम तक ही सीमित नहीं है। ज़्यादा उम्र के वॉलंटियर्स मुख्य मीडिया सेंटर और खेलों के सभी वेन्यू पर आम तौर पर देखे जा सकते हैं।
सोमवार, 21 सितंबर को जापान में 'बुजुर्गों के सम्मान का दिन' मनाया गया। यह एक राष्ट्रीय अवकाश है, जिसने सफ़ेद बालों वाले वॉलंटियर्स की मौजूदगी को और भी खास बना दिया। छुट्टी से पहले जारी सरकारी अनुमानों के अनुसार, 15 सितंबर तक 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों की संख्या 3.624 करोड़ थी। यह कुल आबादी का रिकॉर्ड 29.6 प्रतिशत है, यानी हर 10 में से लगभग तीन लोग।
आंतरिक मामलों और संचार मंत्रालय के अनुसार, 4 करोड़ से ज़्यादा आबादी वाले 39 देशों में जापान में बुजुर्गों की हिस्सेदारी सबसे ज़्यादा है। जनसांख्यिकी की यह सच्चाई ही तय करती है कि किसी बड़े खेल आयोजन में मदद के लिए कितने लोग उपलब्ध हो सकते हैं।
फ़ुल-टाइम काम और कई पार्ट-टाइम नौकरियों की वजह से युवाओं के पास लंबे समय तक वॉलंटियरिंग करने के लिए बहुत कम समय बचता है। जापान की बड़ी रिटायर्ड आबादी, जिसमें कम्युनिटी सर्विस की परंपरा है, इस कमी को पूरा करने में मदद करती है। आयोजन समिति के आंकड़ों के अनुसार, एशियाई खेलों और एशियाई पैरा खेलों में 18 से 91 वर्ष की आयु के लगभग 40,000 वॉलंटियर्स शामिल हैं। इनमें से 85 प्रतिशत आइची प्रान्त में रहते हैं और 55 प्रतिशत पहली बार वॉलंटियरिंग कर रहे हैं। 90 प्रतिशत से ज़्यादा लोग गेम्स से जुड़े कामों में मदद करते हैं, जैसे इवेंट का कामकाज और एथलीटों व अन्य लोगों के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था। बाकी लोग बड़े रेलवे स्टेशनों और वेन्यू के आस-पास दर्शकों की मदद करते हैं।
भर्ती का काम आसान नहीं था। जापानी मीडिया आउटलेट 'असाही शिंबुन' ने गेम्स से पहले रिपोर्ट दी थी कि शुरुआत में कम आवेदन मिलने के कारण आयोजकों को छात्रों को आकर्षित करने के लिए अपनी कोशिशें बढ़ानी पड़ीं; बाद में कुल वॉलंटियर्स में से लगभग एक-तिहाई छात्र ही थे। अखबार ने यह भी बताया कि लगभग 50 देशों और क्षेत्रों से करीब 1,700 विदेशी वॉलंटियर्स आए थे। 100 से ज़्यादा लोग खास तौर पर इवेंट्स के दौरान वॉलंटियर करने के लिए जापान आए थे। कुछ लोगों ने 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में वॉलंटियरिंग के दौरान बनी अच्छी यादों को दोबारा आने की वजह बताया।
सावाडा ने कहा, "चुने गए लोगों को काम उनकी पसंद और ज़रूरत के हिसाब से सौंपा जाता है। आवेदक अपनी पसंद के तीन काम बता सकते थे, जैसे दर्शकों की सेवा, कॉम्पिटिशन का कामकाज, टेक्निकल सपोर्ट और वीआईपी का स्वागत। उनकी पसंद का ध्यान रखा जाता है, हालांकि आखिरी फैसला आयोजन समिति का ही होता है।" सावाडा ने बताया, "शारीरिक क्षमता भी मायने रखती है। जो व्यक्ति वेन्यू पर भारी सामान नहीं उठा सकता, वह शायद सेरेमनी से जुड़े काम कर सकता है।" हालांकि, उन्होंने चयन के मापदंड बताने से इनकार कर दिया।
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