नयी दिल्ली , जुलाई 14 -- केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने मंगलवार को कहा कि सफल उद्यमियों को अगली पीढ़ी के उद्यमियों के लिए मार्गदर्शक बनना चाहिए।
श्री चौधरी ने नोएडा स्थित राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (एनआईईएसबीयूडी) के पहले एलुमनाई मीट-2026 को संबोधित करते हुए कहा कि सफल उद्यमियों को अगली पीढ़ी के उद्यमियों के लिए मार्गदर्शक बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने अनुभव साझा कर, नवोदित उद्यमियों का मार्गदर्शन कर और उनके लिए नये अवसर तैयार कर ही देश में मजबूत उद्यमिता संस्कृति विकसित की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि सीखना और कौशल विकास आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है और उद्यमियों के साथ संस्थानों का संबंध प्रशिक्षण कक्ष तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भारत को वास्तविक योग्यता आधारित समाज बनाना है तो नवाचार, मेहनत और दृढ़ संकल्प से मूल्य सृजित करने वाले उद्यमियों का सम्मान करना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि निज़बुड एलुमनाई नेटवर्क सहयोग, नवाचार और उत्कृष्टता का ऐसा मंच बनेगा, जहां उद्यमी एक-दूसरे से सीखेंगे, साझेदारी करेंगे और भारत के उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को नयी मजबूती देंगे।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश को लाखों नये उद्यमियों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एनआईईएसबीयूडी का एलुमनाई नेटवर्क अनुभवी उद्यमियों को नये उद्यमियों का मार्गदर्शन करने, नवाचार को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर देगा। वहीं, एनआईईएसबीयूडी की महानिदेशक डॉ. पूनम सिन्हा ने कहा कि संस्थान अपने प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण के बाद भी आजीवन सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है और एलुमनाई नेटवर्क उन्हें सीखने, नेटवर्किंग और व्यवसाय विस्तार के नये अवसर उपलब्ध करायेगा।
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