मुंबई , अक्टूबर 17 -- भोजपुरी गायिका अक्षरा सिंह की आवाज में गीतकार मनोज भावुक का नया गीत 'दुर्गा मइया से सीखऽ ना धूल चटावे के' नवरात्रि की सप्तमी पर रिलीज हुआ है।मधुकर आनंद के संगीत से सजे इस गीत को अक्षरा सिंह के आधिकारिक यूट्यूब चैनल 'अक्षरा सिंह ऑफिसियल' पर जारी किया गया है। गीत में मां कालरात्रि के रौद्र स्वरूप के माध्यम से नारी की शक्ति, साहस और आत्मसम्मान को दर्शाया गया है।

गीतकार मनोज भावुक ने गीत के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया है कि नारी केवल ममता, त्याग और धैर्य की प्रतीक नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ी भी हो सकती है। गीत के बोल हैं, "मर्यादा पर हाथ बढ़ावे केहू त ललकारऽ, चंडी बन जा, खूब दहाड़ऽ, पटक-पटक के मारऽ।"मनोज भावुक की लेखनी सामाजिक विसंगतियों पर सवाल उठाने के लिए भी जानी जाती है। उनका गीत 'मरे हुए एक रावण को हर साल जलाते हैं हम लोग, जिंदा रावण-कंसों से तो आँख चुराते हैं हम लोग' सामाजिक पाखंड पर चोट करता है।

अक्षरा सिंह ने गीत को प्रभावशाली अंदाज में गाया है, जबकि मधुकर आनंद का संगीत इसके ओजपूर्ण भाव को उभारता है। इससे पहले मनोज भावुक और अक्षरा सिंह का गीत 'बाढ़ में बिहार, छठी मइया खेवनहार' भी चर्चा में रहा था।

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